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अडाणी समूह इसी साल जुटा सकता है 32,800 करोड़ रुपये, कई ग्लोबल निवेशकों से शुरू की गई बातचीत

Aniruddh pratap singh

हाईलाइट्स

  • अडाणी समूह ने इसी 32,800 करोड़ रुपये जुटाने के लिए शुरू किए प्रयास, कई ग्लोबल निवेशकों ने समूह में निवेश में दिखाई दिलचस्पी

  • अडाणी एंटरप्राइजेज और अडाणी ग्रीन एनर्जी को बोर्ड ने 1.5 अरब डॉलर जुटाने की दी मंजूरी

  • अडाणी ट्रांसमिशन ने शेयर बिक्री के जरिए 1.03 बिलियन डॉलर जुटाने की योजना बनाई

  • अडाणी समूह अपनी 3 कंपनियों के माध्यम से करीब करीब 4 अरब डॉलर जुटाने का प्रयास कर रहा

राज एक्सप्रेस । अडाणी समूह ने इसी साल 4 अरब डॉलर (करीब 32,800 करोड़ रुपये) जुटाने के अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रयास शुरु कर दिए हैं। इसके लिए समूह कई बड़े ग्लोबल निवेशकों से फंडिंग राउंड में भाग लेने के लिए बातचीत कर रही है। 12 को एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। अडाणी समूह की मुख्य कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज और अडाणी ग्रीन एनर्जी को उनके बोर्ड ने करीब 1.5 अरब डॉलर जुटाने की मंजूरी दे दी है। जबकि, अडाणी समूहर की एक अन्य प्रमुख कंपनी ट्रांसमिशन ने शेयर बिक्री के जरिए 1.03 बिलियन डॉलर जुटाने की योजना बनाई है।

तीन कंपनियों के माध्यम से 4 अरब डालर जुटाने की योजना

इन तीनों कंपनियों ने पिछले कुछ हफ्तों में शेयर बाजारों को ये जानकारी दी है। इस तरह अडाणी समूह अपनी 3 कंपनियों के माध्यम से करीब करीब 4 अरब डॉलर जुटाने का प्रयास कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि अडानी समूह का लक्ष्य साल 2023 खत्म होने से पहले इस फंडिंग राउंड को पूरा करना है। एक सूत्र के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि समूह की योजना यह साल खत्म होने के पहले फंड जुटाने का काम पूरा करने की है।

संभावित निवेशकों ने जताया कंपनियों के कामकाज पर संतोष

मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सूत्र ने उन निवेशकों के नामों की जानकारी देने से इनकार कर दिया है, जिनसे अडाणी समूह बातचीत कर रहा है। हालांकि उन्होंने कहा कि अब तक बातचीत सकारात्मक रही है और संभावित निवेशकों का मानना है कि समूह की कंपनियों का मौजूदा वैल्यूएशन बेहद आकर्षक है। यह फंडिंग अरबपति उद्योगपति गौतम अदाणी की अगुआई वाले औद्योगिक समूह के लिए काफी महत्वपूर्ण है, जिसे इस साल की शुरुआत में अमेरिकी शॉर्ट-सेलर फर्म, हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट से तकड़ा झटका लगा है।

हिंडनबर्ग रिपोर्ट आने के बाद संकट से घिर गया था अडाणी समूह

हिंडनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में अडाणी समूह पर टैक्स हैवन देशों के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया था और उसके कर्ज के स्तर पर चिंता जताई थी। इस रिपोर्ट के चलते अडाणी एंटरप्राइजेज को इस साल फरवरी में अपने करीब 2.5 अरब डॉलर के फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (एफपीओ) को वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा था। हालांकि अडाणी समूह ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है और हिंडनबर्ग रिपोर्ट को निराधार बताया है। अडाणी समूह तब से निवेशकों का भरोसा वापस जीतने और अपने कर्ज के स्तर को कम करने में लगा हुआ है।

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