NAFED announces bid for 15,000 tonnes of red onions
NAFED announces bid for 15,000 tonnes of red onions Syed Dabeer Hussain - RE
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NAFED ने 15,000 टन लाल प्याज की बोली लगाने का ऐलान किया

Author : Kavita Singh Rathore

राज एक्सप्रेस। त्योहारी सीजन के शुरू होते ही प्याज की कीमतों ने खाने का स्वाद बिगाड़ना शुरू कर दिया है। इस त्योहारी सीजन में प्याज की कीमतों में अचानक 100 रुपये तक की बढ़त दर्ज की गई है। ऐसे में प्याज की सप्लाई बढ़ाने और महंगाई को रोकने के लिए 'नेशनल एग्रीकल्चर को ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड' (NAFED) ने 15,000 टन लाल प्याज की बोली लगाने का ऐलान किया है।

NAFED ने जारी किया टेंडर :

दरअसल, 'नेशनल एग्रीकल्चर को ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड' (NAFED) द्वारा शनिवार को आयातकों से 15,000 टन लाल प्याज की सप्लाई करने के लिए 20 नवंबर तक का एक टेंडर जारी किया। इस टेंडर के अनुसार तय की गई शर्तो में आयातकों को 50 रुपए प्रति किलोग्राम के भाव पर 40 से 60 MM साइज के लाल प्याज की सप्लाई करनी होगी। हालांकि, यह प्याज किस देश से आया है ये बात उतनी महत्वपूर्ण नहीं है। आयातक किसी भी देश से प्याज ला सकता है, लेकिन उसे यह सप्लाई 20 नवंबर तक जारी रखनी होगी।

सप्लायर्स लगा सकता है 1,000 टन की बोली :

NAFED द्वारा जारी किए गए टेंडर के हिसाब से एक प्याज सप्लायर कम से कम 1,000 टन प्याज के लिए बोली लगा सकता है। सप्लायर्स प्याज की सप्लाई 100 टन के मल्टीपल लॉट्स में कर सकते हैं। इन प्याज के लिए बोली लगाने की प्रोसेस 4 नवंबर को ख़तम हो जाएगी और उसी दिन टेंडर को खोला जाएगा। खबरों की मानें तो, सप्लायर्स प्याज की सप्लाई जवाहरलाल नेहरू पोर्ट आौर कांदला पोर्ट पर करेंगे।

NAFED के MD का कहना :

NAFED के MD एसके सिंह ने कहा कि, '15,000 टन के आयातित प्याज की सप्लाई के लिए टेंडर निकाला गया है। इससे घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने में मदद मिलेगी। बोली का मूल्यांकन वॉल्यूम्स, क्वालिटी और जल्द से जल्द आपूर्ति के आधार पर किया जाएगा। बिडर्स को फ्रेश, अच्छी तरह सूखे हुए और क्योर्ड ओनियन की आपूर्ति करनी होगी। पिछले साल नैफेड ने बड़े प्याज का आयात किया था, जिसे घरेलू बाजार में बहुत अधिक पसंद नहीं किया गया था।'

NAFED का काम :

बताते चलें, 'नेशनल एग्रीकल्चर को ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड' (NAFED) का काम सरकार की और से प्याज के बफर स्टॉक को मैनेज करने का है। वर्तमान समय में स्टॉक में आई गिरावट को देखते हुए NAFED को आदेश दिए गए हैं कि, वह आयातित प्याज की सप्लाई बढ़ाएं। गौरतलब है कि, इस साल मुख्य प्याज उत्पादक क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते खरीफ फसल नष्ट हो गई है। यही कारण है कि, देश के कुछ राज्यों में प्याज की कीमतें 80 रुपए प्रति किलोग्राम के भी पार पहुंच गई है।

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