चेपॉक में एक चिंता तो नहीं: खास कैमिकल से ओस हटाई जाएगी, बाद में बॉलिंग मुश्किल नहीं होगी
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(फाइल फोटो)
स्पोर्ट्स डेस्क. टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में आज भारत का मुकाबला जिम्बाब्वे से है। खास बात यह है कि इस बेहद अहम मैच से पहले तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन (TNCA) ने बेहतरीन कदम उठाया है।
दरअसल, TNCA ने एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में ओस से निपटने के लिए 'ड्यू क्योर' नाम के एक खास कैमिकल का इस्तेमाल किया है। इसे अमेरिकी साइंटिस्ट ने तैयार किया है और वहां मेजर लीग बेसबॉल (MLB) के दौरान इस्तेमाल किया जाता है। भारत में ओस की वजह से कई बार स्टेडियम खासे प्रभावित होते हैं। लिहाजा, यह कैमिकल आज और भविष्य के हिसाब से बहुत कारगर साबित हो सकता है।
ड्यू क्योर में क्या खास है
- TNCA ने टी-20 विश्व कप 2026 के लिए मैदान और बाउंड्रीज तय करने के बाद 'ड्यू क्योर' कैमिकल इस्तेमाल किया है।
- इस कैमिकल को पानी में मिलाकर यूज किया जाता है। चेपॉक में इसे दो दिन छिड़का गया है। यह खास कैमिकल घास ड्यू यानी ओस (नमी) सोख लेता है। लिहाजा घास गीली नहीं रहती और प्लेयर्स को बॉल बार-बार सुखाना नहीं पड़ती। माना जा रहा है कि चेपॉक के बाद बाकी मैदानों में भी इसका इस्तेमाल किया जाएगा।
हमारी टीम मुकाबले के लिए तैयार
भारतीय टीम ने मंगलवार और बुधवार को चेपॉक में नेट सेशन किया। इस दौरान टीम मैनेजमेंट इस ड्यू क्योर के असर से खासा खुश नजर आया।
माना जा रहा है कि BCCI सेमीफाइनल और फाइनल में इसका यूज करेगा। हालांकि, ऑफिशियल अनाउंसमेंट बाकी है। मुमकिन है कि इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में भी ये इस्तेमाल किया जाए।

