कॉलेज कैम्पस से क्रांति तक: CJP प्रोटेस्ट के बाद कई राज्यों में छात्र आंदोलन; भारत में स्टूडेंट प्रोटेस्ट्स की हिस्ट्री- JP से CJP तक
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दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट के दौरान अभिजीत दीपके (माइक के साथ) और उनके साथी प्रोटेस्टर्स।
नेशनल डेस्क (एक्सप्लेनर). “इतिहास और इतिहास की धारा सिर्फ बदलती है, जब लोग और खासतौर पर छात्र इसके लिए आवाज उठाते हैं…. ” यह बात कही थी फेमस अमेरिकी ब्रॉडकास्टर और स्कॉलर एंडरसन कूपर ने।
हालिया वक्त में भारत में यही देखा गया…लगातार पेपर लीक और एजुकेशन सिस्टम में खराबी के विरोध में स्टूडेंट्स सड़क पर उतरे। दिल्ली के जंतर मंतर से संसद मार्च तक और फिर झारखंड तक…युवाओं की आवाज बुलंद हुई।
नतीजा ये हुआ कि सरकार को झुकना पड़ा। हायर एजुकेशन मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ। एजुकेशन सेक्रेटरी विपिन जोशी भी हटाए दिए गए। अब एजुकेशन सिस्टम में सुधार और पेपर लीक को रोकने के लिए हाई लेवल कमेटी बनी है। इसके अलावा नया एंटी पेपर लीक बिल भी संसद से पास हो चुका है।
‘राज एक्सप्रेस’ के इस एक्सप्लेनर में आज बात एजुकेशन सिस्टम से जुड़े इतिहास और वर्तमान पर। चलिए….शुरू करते हैं…





