कश्मीर के शोपियां में लश्कर के दो आतंकी ट्रैप: आर्मी ने 7 गांव खाली कराए; पूरे इलाके की घेराबंदी; भागने के सभी रास्ते बंद
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जम्मू-कश्मीर के शोपियां में लश्कर के दो आतंकी एक बगीचे में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए। आर्मी ने पुलिस ओर CRPF के साथ मिलकर इन्हें पकड़ने के लिए ऑपरेशन शुरू किया है।
नेशनल डेस्क। इंडियन आर्मी ने जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में दाे आतंकियों को ट्रैक किया है। ये दोनों आतंकी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हैं। ये आतंकी एक बगीचे के कैमरे में रिकॉर्ड हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आतंकियों को पहली बार शुक्रवार को देखा गया था। इसके बाद से ही इनकी तलाश जारी है। आर्मी, पुलिस और सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) ने जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया है।
7 गांव खाली कराए गए
जहां आतंकियों को देखा गया है, वहां आसपास 7 गांव हैं। इन साताें गांवों को शनिवार शाम तक खाली करा लिया गया। शाम तक 4 गांवों की तलाशी भी पूरी कर ली गई। बाकी गांवों में भी सर्च अभियान जारी है। अफसरों का कहना है कि किसी भी संदिग्ध को बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा। हर रास्ते पर जवान तैनात किए गए हैं ताकि आतंकी बचकर न भाग सकें। इन आतंकियों के हर एक एस्केप रूट पर नजर रखी जा रही है।
इलाके में हाई पावर लाइटें लगाई गई
सुरक्षा बलों ने शोपियां के बाग और आसपास के पूरे इलाके को कई लेयर में सील कर दिया है। आर्मी की विक्टर फोर्स ने एकस्ट्रा जवानों की तैनाती की है। घने पेड़ों के बीच से निकलने वाले हर संभावित रास्ते पर निगरानी बढ़ा दी गई है। रात में आतंकियों को छिपने का मौका न मिले, इसके लिए पूरे इलाके में हाई पावर लाइटें लगाई गई हैं। आर्मी, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF की कई टीमें लगातार कॉम्बिंग कर रही हैं।
ड्रोन की मदद ली जा रही
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षा बल जैसे ही बाग के करीब पहुंचे, वहां छिपे आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद दोनों तरफ से मुठभेड़ शुरू हो गई। जवानों ने भी जवाबी फायरिंग की। अफसरों के मुताबिक ऑपरेशन बेहद सावधानी से चलाया जा रहा है ताकि आम नागरिकों को कोई नुकसान न पहुंचे। पूरे इलाके में ड्रोन और दूसरे मॉनिटरिंग डिवाइसेज की मदद से आतंकियों की एग्जैक्ट लोकेश पता करने की कोशिश की जा रही है।
चलिए, डिटेल में जानते हैं घेरे गए दोनों आतंकी कौन
जाकिर अहमद गनई: A++ कैटेगरी का लोकल लश्कर आतंकी

जाकिर अहमद गनई कुलगाम के मतलहामा गांव का रहने वाला है। सुरक्षा एजेंसियों ने उसे A++ कैटेगरी का आतंकी घोषित किया है। वह लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा स्थानीय ऑपरेटिव माना जाता है। जाकिर 2024 में लश्कर से जुड़ा था। उस पर हत्या की साजिश, हथियारों की स्मगलिंग और आतंकियों के लिए ओवरग्राउंड वर्कर नेटवर्क चलाने के आरोप हैं। अक्टूबर 2025 में NIA कोर्ट ने उसके खिलाफ नोटिस जारी किया था। 2025 में उसके घर पर सुरक्षा बलों ने बुलडोजर भी चलवाया था। दक्षिण कश्मीर में कई आतंकी गतिविधियों में उसका नाम सामने आ चुका है।
मोहम्मद लतीफ भट: KRA के जरिए लश्कर से जुड़ा

मोहम्मद लतीफ भट कुलगाम जिले के ख्रेवान का रहने वाला बताया जाता है। रिपोर्टों के मुताबिक वह नवंबर 2025 में लश्कर-ए- तैयबर के शैडो संगठन कश्मीर रिवॉल्यूशन आर्मी (KRA) में शामिल हुआ था। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि वह हाल के महीनों में एक्टिव आतंकी नेटवर्क का हिस्सा बना। एजेंसियों का मानना है कि वह लोकल लॉजिस्टिक नेटवर्क और नई भर्ती से भी जुड़ा हुआ था। लतीफ के पिछले साल ही लश्कर जॉइन करने का दावा किया जा रहा है।
शोपियां आतंकियों के लिए अहम क्यों
शोपियां को को लंबे समय से आतंकियों का ट्रांजिट कॉरिडोर माना जाता है। यह इलाका साउथ कश्मीर को सेंट्रल कश्मीर और पीर पंजाल रेंज से जोड़ता है। यहां घने बाग और जंगल होने की वजह से गर्मी के मौसम में आतंकी यहां आकर छिपते हैं। कई बार वे घने जंगल का फायदा उठाकर घेराबंदी से बच निकलते हैं। इसलिए सुरक्षा बल इस इलाके में खास सतर्क हैं और बेहद सावधानी के साथ ऑपरेशन चला रहे हैं।
लोकल ऑपरेटिव्स भी आर्मी की नजर में
अफसरों का कहना है कि पाकिस्तान से भेजे जाने वाले आतंकियों के साथ-साथ लोकल आतंकियों पर कार्रवाई भी जरूरी है। लतीफ और जाकिर जैसे लोकल ऑपरेटिव आतंकियों के लॉजिस्टिक नेटवर्क और नई भर्ती में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे नेटवर्क को खत्म करना सुरक्षा एजेंसियों की स्ट्रैटेजी का हिस्सा है। इसी वजह से शोपियां में चल रहा यह ऑपरेशन बेहद अहम है।

