पेट्रोल-डीजल की महंगाई का असर: जून में EV की बिक्री रिकॉर्ड 13% पहुंची, थ्री-व्हीलर्स सेगमेंट सबसे आगे
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बिजनेस डेस्क. जून महीने में भारत की ऑटोमोबाइल बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) ने 12.5% रिकॉर्ड हिस्सेदारी हासिल की है। जाहिर है कि मिडिल ईस्ट में जंग की वजह से ईंधन की उपलब्धता को लेकर अनिश्चितता और पेट्रोल के दाम बढ़ने से अब लोग इलेक्ट्रिक गाड़ियों की तरफ रुख कर रहे हैं।
जून में इलेक्ट्रिक व्हीकल की बिक्री में तेजी आई
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) के मुताबिक, जून में नई कारों और स्पोर्ट यूटिलिटी वाहनों (SUV) की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक कारों की कुल हिस्सेदारी 8% रही। वहीं 31,823 यूनिट्स का रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन हुआ।
पहली बार इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बिक्री में भी तेजी देखने को मिली। पिछले साल 7.3% बिक्री की तुलना में इस साल EV की कुल हिस्सेदारी 10.6% रही। वहीं जून महीने में थ्री-व्हीलर्स में EV की कुल हिस्सेदारी 64% रही। वहीं कमर्शियल वाहनों में EV की कुल हिस्सेदारी 4% रही।
कुल EV हिस्सेदारी 12.5% रही
FADA के प्रेसिडेंट सी. एस. विग्नेश्वर ने एक बयान में कहा कि, सभी कैटेगरी में कुल रिटेल बिक्री 3,06,220 तक पहुंच गई है, जो कि किसी भी महीने में सबसे ज्यादा है। इसलिए कुल EV हिस्सेदारी 12.5% हो गई है। भारत की ऑटोमोबाइल रिटेल मार्केट ने जून महीने में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है, जो शहरी और ग्रामीण दोनों बाजारों में लोगों की मजबूत डिमांड को दिखाता है।
व्हीकल रजिस्ट्रेशन बढ़ा
FADA के मुताबिक, कुल व्हीकल रजिस्ट्रेशन सालाना आधार पर 21.8% बढ़कर रिकॉर्ड 2.56 लाख यूनिट तक पहुंच गया है। इस दौरान टू-व्हीलर, पैसेंजर व्हीकल, कमर्शियल व्हीकल और थ्री-व्हीलर सभी खास कैटागरी ने जून महीने में अबतक की सबसे ज्यादा बिक्री दर्ज की है।
पैसेंजर वाहन की बिक्री बढ़ी
जून में पैसेंजर वाहन ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। इस दौरान 28.6% की बढ़ौतरी दर्ज की गई और बिक्री रिकॉर्ड 4,11,000 यूनिट तक पहुंच गई है। सालाना आधार पर ग्रामीण भारत में बिक्री की रफ्तार शहरों के मुकाबले बेहतर है। हालांकि दक्षिण-पश्चिम मानसून के देर से आने और बिना मौसम बारिश होने के कारण ग्रामीण इलाकों की मांग में महीने दर महीने के आधार पर कमी देखने को मिली है।
जून महीने में क्लीन पावरट्रेन वाले वाहनों की मांग तेजी से बढ़ी है। पहली बार सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों के साथ वैकल्पिक ईंधन से चलने वाले वाहनों की हिस्सेदारी पैसेंजर व्हीकल रिटेल बिक्री में 40% के पार पहुंच गई।
टू-व्हीलर्स सेगमेंट में हुई सबसे ज्यादा बिक्री
भारत के सबसे बड़े सेगमेंट टू-व्हीलर्स ने जून महीने में सबसे अधिक बिक्री दर्ज की है। यह सालाना आधार पर 21.2% बढ़कर 1.83 लाख यूनिट्स पहुंच गई है। हालांकि मई के मुकाबले रिटेल बिक्री में थोड़ी गिरावट देखने को मिली है। FADA ने ग्रामीण बाजारों को इसकी वजह बताया है। बारिश के देर से आने के कारण ग्रामीण खरीदारों ने सावधानी बरती। वहीं शहरी बाजारों में मांग मजबूत बनी रही। एंट्री-लेवल टू-व्हीलर्स की अच्छी बिक्री और पश्चिम एशिया में तनाव के चलते सप्लाई पर पड़े असर के कम होने की वजह से वाहनों की सप्लाई में सुधार हुआ, जिससे बिक्री में मजबूती आई।
थ्री-व्हीलर सेगमेंट में भी तेजी आई
देश में थ्री-व्हीलर सेगमेंट अपने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सफर पर तेजी से बढ़ रहा है। जून में EV सेगमेंट की कुल रिटेल बिक्री में लगभग दो-तिहाई हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स की रही। जून महीने के दौरान इसे सेगमेंट ने 1,21,000 यूनिट्स की सबसे ज्यादा रिटेल बिक्री दर्ज की।
कमर्शियल व्हीकल की बिक्री पिछले साल से ज्यादा हुई
कमर्शियल व्हीकल की बिक्री भी रिकॉर्ड 90,972 यूनिट्स तक पहुंच गई, जो कि पिछले साल की तुलना में 16.9% ज्यादा है। माल ढुलाई में तेजी, ई-कॉमर्स एक्टीविदी के बढ़ने और वाहनों की सप्लाई बेहतर होने से इस सेगमेंट की मांग में तेजी आई। इस बार भी ग्रामीण बाजारों का प्रदर्शन शहरी बाजारों से बेहतर रहा। वहीं इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों की हिस्सेदारी बढ़कर रिकॉर्ड 3.5% पर पहुंच गई।
ट्रैक्टर की बिक्री में भी तेजी आई
ट्रैक्टर की बिक्री पिछले साल के मुकाबले 25.3% बढ़कर 1,01,000 यूनिट्स हो गई। जून महीने में दूसरी सबसे अच्छी बिक्री दर्ज की, क्योंकि खरीफ की बुवाई के मौसम के पहले किसानोें ने ट्रैक्टर खरीदने में दिलचस्पी दिखाई।

