भारत में 2025 में 41.68 अरब स्पैम कॉल्स रिकॉर्ड: 66% अनजान नंबर स्पैम निकले; डू नॉट डिस्टर्ब के बावजूद कैसे चल रहा फ्रॉड कॉल्स का खेल-यहां डीटेल्स
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बिजनेस डेस्क आज के समय में लगभग हर मोबाइल यूजर स्पैम कॉल्स से परेशान है। कभी लोन ऑफर, क्रेडिट कार्ड, तो कभी फर्जी KYC अपडेट के नाम पर कॉल आती है। 2025 में भारत में ट्रूकॉलर (Truecaller) यूजर्स ने 41.68 अरब स्पैम कॉल्स और 129.03 अरब स्पैम मैसेज रिपोर्ट किए।
ताज्जुब की बात यह है कि भारत में आने वाले अनजान नंबरों में से 66% कॉल्स स्पैम निकलीं। आखिर सरकार की तमाम पाबंदियों और डू नॉट डिस्टर्ब (DND) एक्टिवेट होने के बावजूद ये कॉल रुक क्यों नहीं रहे हैं। ‘राज एक्सप्रेस’ इस पेचीदे मुद्दे को आसान भाषा में समझा रहा है। चलिए आगे बढ़ते हैं...
स्पैम कॉल्स से सबसे ज्यादा परेशान देश
Truecaller की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत दुनिया का पांचवां सबसे ज्यादा स्पैम प्रभावित देश है। इस लिस्ट में सबसे ऊपर इंडोनेशिया है, जहां स्पैम इंटेंसिटी 79% है। इसके बाद 70% के साथ चिली दूसरे नंबर पर है। फिर वियतनाम और ब्राजील का नंबर आता है। इन देशों में बड़ी आबादी, सस्ते मोबाइल कनेक्शन और डिजिटल फ्रॉड तेजी से बढ़ने की वजह से स्पैम कॉल्स का नेटवर्क मजबूत हो चुका है।

वहीं, जापान, फिनलैंड, नॉर्वे, डेनमार्क और स्विट्जरलैंड जैसे देशों में स्पैम कॉल्स का स्तर काफी कम देखा गया। इन देशों में सख्त डेटा प्रोटेक्शन कानून, मजबूत नेटवर्क सिस्टम और डिजिटल सिक्योरिटी पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है।
भारत में स्पैम कॉल्स की समस्या इतनी बड़ी क्यों
भारत में स्पैम कॉल्स के बने रहने के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ी वजह यह है कि देश में मोबाइल यूजर्स की संख्या बहुत ज्यादा है। डेटा की सुरक्षा अभी भी उतनी सख्त नहीं है। जितनी आसानी से हमारे फोन नंबर अलग-अलग ऐप्स और वेबसाइट्स के जरिए लीक होते हैं, उतनी ही आसानी से ये स्पैमर्स तक पहुंच जाते हैं। वहीं, SIM कार्ड आसानी से मिल जाते हैं। यही वजह है कि स्पैम करने वाले लोग हजारों SIM खरीदकर लगातार कॉल्स करते रहते हैं।
क्या वाकई डू नॉट डिस्टर्ब (DND) फेल हो गया है?
सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि ज्यादातर स्पैम कॉल्स रजिस्टर्ड टेलिमार्केटर्स (RTM) की तरफ से नहीं आतीं। ये कॉल्स अनरजिस्टर्ड टेलिमार्केटर्स (UTM) करते हैं। ये लोग सामान्य 10 अंकों वाले मोबाइल नंबर इस्तेमाल करते हैं, जिससे यूजर को लगता है कि कोई असली व्यक्ति (जेनुएन कॉलर) कॉल कर रहा है। यही कारण है कि DND होने के बावजूद स्पैम कॉल्स बंद नहीं हो रहीं।
आखिरी DND सिस्टम कैसे काम करता है?
अगर कोई व्यक्ति प्रमोशनल कॉल्स और मैसेज बंद करना चाहता है, तो वह 1909 पर कॉल या SMS करके DND एक्टिव कर सकता है। इसके अलावा TRAI DND ऐप भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
DND का नियम रजिस्टर्ड टेलिमार्केटर्स पर लागू होता है। नियम के मुताबिक, इन कंपनियों को 140 सीरीज वाले नंबर से कॉल करना चाहिए। असली विलेन अनरजिस्टर्ड टेलिमार्केटर्स हैं। यह स्पैमर्स नियमों के तहत रजिस्टर ही नहीं होते। इसलिए वे सीधे 10 अंकों वाले सामान्य मोबाइल नंबरों से कॉल कर देते हैं और DND को आसानी से बायपास कर लेते हैं।
भारत में कितनी स्पैम कॉल्स और फ्रॉड कॉल्स रिकॉर्ड हुईं
2025 में भारत में Truecaller यूजर्स ने 41.68 अरब स्पैम कॉल्स पहचान की। इनमें करीब 7.7 अरब कॉल्स फ्रॉड से जुड़ी थीं। इन फ्रॉड कॉल्स में 36% सेल्स और टेलिमार्केटिंग कॉल्स थीं। वहीं 18% कॉल्स फाइनेंशियल सर्विसेज से जुड़ी थीं और लगभग 12% कॉल्स सीधे स्कैम या धोखाधड़ी वाली थीं।

सरकार और टेलीकॉम कंपनियां क्या एक्शन ले रही हैं?
TRAI, दूरसंचार विभाग और मोबाइल कंपनियां स्पैम रोकने के लिए कई कदम उठा रही हैं। 2026 की शुरुआत तक TRAI ने स्पैम कंट्रोल में लापरवाही पर टेलिकॉम कंपनियों पर 150 करोड़ रुपए का जुर्माना लगया है।
2025 के आखिर तक 21 लाख मोबाइल नंबरों को बंद किया गया। वहीं 7.31 लाख नोटिस अनरजिस्टर्ड टेलिमार्केटर्स को भेजे गए हैं। अब स्पैम की शिकायत मिलने पर टेलिकॉम कंपनियों को 5 दिनों के अंदर एक्शन लेना होता है।
आखिर ये स्पैमर पकड़ में क्यों नहीं आते?
स्पैमर्स AI का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे आपकी आवाज की नकल (Voice Cloning) कर सकते हैं और कंप्यूटर से ऑटोमैटिक कॉल (Robo-Calls) करते हैं। इसके अलावा नंबर स्पूफिंग भी तेजी से बढ़ रहा है। इसमें कॉल करने वाला अपना असली नंबर छिपा देता है और हर बार नया नंबर दिखता है। इसी वजह से किसी एक नंबर को ब्लॉक करने से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। कुछ स्पैम कॉल्स इंटरनेट आधारित VoIP सिस्टम के जरिए दूसरे देशों से भी की जाती हैं।
क्या कॉल ब्लॉक करने से समस्या खत्म हो जाएगी?
नहीं। सिर्फ नंबर ब्लॉक करना इस समस्या का पूरा समाधान नहीं है। स्पैमर्स हर बार नया नंबर इस्तेमाल कर लेते हैं। इसलिए जरूरी है कि यूजर हर स्पैम कॉल की रिपोर्ट भी करे। DND एक्टिव रखना, अनजान लिंक पर क्लिक न करना, OTP शेयर न करना और बैंकिंग जानकारी किसी को न देना आज बेहद जरूरी हो गया है।

