ड्रीम11 और MPL ने रियल मनी बेस्ड गेम्स बंद किए: भारत में बैन रहेंगे, दो दिन पहले लोकसभा-राज्यसभा में पास हुआ ऑनलाइन गेमिंग बिल
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ड्रीम11 और MPL ने कहा कि देश में यूजर्स की मौजूदा मनी सेफ है, लेकिन अब कोई डिपॉजिट नहीं किया जाएगा। (सिम्बॉलिक इमेज)
फैंटेसी स्पोर्ट्स कंपनी ड्रीम11 और मोबाइल प्रीमियर लीग (MPL) ने देश में अपने सभी रियल मनी बेस्ड गेम्स बंद करने का ऐलान किया है। दरअसल, दो दिन पहले यानी 20 अगस्त को लोकसभा में और 21 अगस्त को राज्यसभा में ऑनलाइन गेमिंग प्रमोशन और रेगुलेशन बिल पास हुआ था।
इस बिल का मकसद उन ऑनलाइन गेमिंग्स को रोकना है, जिन्हें पैसों से खेला जा रहा है। बिल पास होने के बाद ही कंपनियों का ये फैसला आया है।
MPL के पास 12 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, MPL ने लिंक्डइन पर पोस्ट में कहा कि हम कानून का सम्मान करते हैं। बैन का पूरी तरह से पालन करेंगे। भारत में तुरंत प्रभाव से MPL प्लेटफॉर्म पर चल रहे मनी बेस्ड सभी गेम्स बंद कर दिए गए हैं। कंपनी की पहली प्राथमिकता यूजर्स हैं।
अब कोई नया डिपॉजिट नहीं लेंगे, लेकिन यूजर्स अपने मौजूदा बैलेंस को आसानी से निकाल सकेंगे। हालांकि MPL पर अब ऑनलाइन मनी बेस्ड गेम्स अवेलेबल नहीं होंगे। MPL के पास एशिया, यूरोप और नॉर्थ अमेरिका में 12 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स हैं।
Zupee ने भी देश में बैन किए मनी बेस्ड गेम्स
इसी तरह Zupee ने भी अपने सभी पेड गेम्स बंद करने की पुष्टि की है। Zupee के एक स्पोक्सपर्सन ने बताया कि 2025 के नए ऑनलाइन गेमिंग बिल के हिसाब से मनी बेस्ड गेम्स बंद कर दिए हैं। फिर भी उनके फेमस फ्री गेम्स जैसे लूडो सुप्रीम, लूडो टर्बो, स्नेक एंड लैडर्स, और ट्रंप कार्ड मेनिया सभी यूजर्स के लिए मुफ्त में अवेलेबल रहेंगे।
ड्रीम स्पोर्ट्स ने कहा- यूजर्स का पैसा सुरक्षित है
ड्रीम11 की पैरेंट कंपनी ड्रीम स्पोर्ट्स अब अपने बिजनेस को नए सिरे से शुरू रही है। ड्रीम स्पोर्ट्स ने यूजर्स को भरोसा दिलाया है कि उनके अकाउंट में मौजूद पैसे पूरी तरह सुरक्षित हैं। वे बिना किसी रुकावट के इन्हें निकाल सकते हैं। अब कंपनी आगे चलकर पैसे वाले गेम्स की बजाय फ्री गेम्स और दूसरे बिजनेस जैसे फैनकोड, ड्रीमसेटगो, स्पोर्ट्स ड्रिप, और ड्रीम गेम स्टूडियोज पर फोकस करेगी।
साथ ही, वो उन देशों में अपने बिजनेस को बढ़ाने का सोच रही है, जहां रियल-मनी गेमिंग की इजाजत है।
केंद्र सरकार ने रोक लगााने का प्रस्ताव दिया था
केंद्र सरकार ने ड्राफ्ट में रियल मनी ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर रोक लगाने का प्रस्ताव था, जो अलग-अलग राज्यों या विदेश से चलाए जाते हैं। बिल पारित होने से मनी बेस्ड सभी गेमिंग के ट्रांजेक्शंस पर बैन लग गया है। फिर चाहे वो गेम स्किल बेस्ड ही क्यों न हों।
बैंक-फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस पैसे ट्रांसफर नहीं कर सकेंगे
बैंक और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस मनी बेस्ड ऑनलाइन गेम्स के लिए मनी प्रोसेस या ट्रांसफर नहीं कर सकेंगे। रियल मनी वाले गेमिंग विज्ञापनों पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। इसके अलावा ई-स्पोर्ट्स और बिना पैसे वाले स्किल-बेस्ड गेम्स को बढ़ावा देने वाले गेम्स भी शामिल हैं। नॉन-रजिस्टर्ड या इलीगल गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी है।
3 साल सजा मुमकिन
इस तरह के गेम्स ऑफर करने वालों को तीन साल की सजा और 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। इतना ही नहीं विज्ञापन देने वालों को भी दो साल तक की जेल और 50 लाख रुपए तक का फाइन या फिर दोनों देना पड़ सकते हैं। हालांकि गेम खेलने वालों (विक्टिम) के लिए किसी सजा या जुर्माने की बात इस प्रपोज्ड बिल में नहीं है।
86% इनकम रियल मनी बेस्ड गेम्स से होती है
ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्रीज ने कहा था कि भारत का ऑनलाइन गेमिंग मार्केट अभी 3.7 बिलियन डॉलर का है। 2029 तक इसके 9.1 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद थी। अभी इनकम का करीब 86% हिस्सा रियल मनी बेस्ड गेम्स से आता है। अगर इन्हें बंद कर दिया गया, तो गेमिंग इंडस्ट्री खत्म हो जाएगी।

