रिटायरमेंट के बाद EPFO पेंशन कैसे मिलेगी: प्राइवेट कर्मचारियों के लिए पेंशन से जुड़े सारे सवाल, जानिए यहां
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(फाइल फोटो)
प्राइवेट कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट के बाद पेंशन विड्रॉल की प्रोसेस क्या है। पेंशन कब से मिलती है। पेंशन पाने के लिए क्या करना होता है। प्राइवेट एम्प्लॉई के पेंशन मामले को कौन-सा डिपार्टमेंट देखता है। पेंशन से जुड़े ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब यहां जानिए।
सवाल- पेंशन कितनी बनेगी, क्या है फॉर्मूला
जवाब- कर्मचारियों की पेंशन EPS स्कीम के तहत आती है। इसे ईपीएफओ मैनेज करता है। पेंशन पाने के लिए मिनिमम सेवा की अवधि 10 साल है।
मंथली पेंशन का फॉर्मूला- पेंशन योग्य सैलरी X पेंशन योग्य सेवा/70। पेंशन का कैलकुलेशन 2014 के पहले मैक्सिमम 6,500 रुपए बेसिक वेतन से व 15,000 रुपए से हिसाब से होगी।
ऐसी होगी गणना- मान लीजिए A ने 23 साल की उम्र में जॉब करना स्टार्ट कर दिया। 58 साल में रिटायरमेंट ले रहा है तो 35 साल की नौकरी हुई। तब इसका कैलकुलेशन दो तरह से होगा।
- 2014 के बाद मासिक पेंशन- 15,000 X 11/70 = 2357 रुपए
- 2014 के पहले मासिक पेंशन- 6500 X 24/7 = 2228 रुपए
(दोनों को मिलाकर मंथली पेंशन 4585 रुपए होगी)
सवाल- पेंशन क्लेम फॉर्म कैसे भरते हैं
जवाब- ईपीएफओ के सदस्य पोर्टल पर ई-नॉमिनेशन कर सकते हैं। इसमें अपनी और परिवार की जानकारी फीड करें। पेंशन पाने के लिए फॉर्म 10D भरें। जिनकी जॉब 10 साल से कम है, उन्हें फॉर्म 10C में अप्लाई करना होगा।
सवाल- अगर पेंशन रुक जाए तो क्या करें
जवाब- पेंशनर को हर साल जीवन प्रमाण पत्र सबमिट करना होता है। ये सर्टिफिकेट बैंक या में जाकर देना होता है।
सवाल- निधन होने पर किसे मिलेगी पेंशन
जवाब- अगर पेंशनर का देहांत हो जाता है, तो मृतक के नॉमिनी को आधी पेंशन मिलेगी। नौकरी चेंज करते समय पिछली सर्विस का PF निकाल लेते हैं, तो इनएलिजिबल का खतरा रहता है। पीएफ को ट्रांसफर करने से पेंशन सर्विस बनी रहती है।
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