CM योगी की बायोपिक को सर्टिफिकेट न देने पर घिरा सेंसर बोर्ड: बॉम्बे हाईकोर्ट ने 11 अगस्त तक जवाब मांगा, कहा- वजह साफ बताओ
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फिल्म ‘अजेय' में अनंत जोशी, योगी आदित्यनाथ का किरदार निभा रहे हैं।
योगी आदित्यनाथ की लाइफ पर बनी फिल्म ‘अजय: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ए योगी’ को अब तक सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट नहीं मिला है। बोर्ड ने 6 अगस्त को फिर से फिल्म देखी और सर्टिफिकेट देने से मना कर दिया। इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को CBFC से जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि फिल्म में उन्हें किन-किन सीन्स से आपत्ति है और इसके पीछे वजह क्या है। CBFC को इसका जवाब 11 अगस्त तक कोर्ट को देना होगा।
जस्टिस रेवती मोहिते देरे और डॉ. नीला गोखले की बेंच ने CBFC के रवैये को ‘डिफिकल्ट’ बताया। उन्होंने कहा कि बोर्ड खुद ही इस मामले को बिना किसी वजह के कॉम्प्लिकेटेड बना रहा है।

मेकर्स का आरोप है- CBFC की एग्जामिनिंग कमेटी ने फिल्म देखने के बाद जो कारण बताया वह सिर्फ इतना था, ‘फिल्म उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ की बायोपिक है, इसलिए सर्टिफिकेट नहीं दिया जा सकता।CBFC ने यह भी कहा कि फिल्म कुछ गाइडलाइन्स का उल्लंघन करती है, लेकिन ये नहीं बताया कि किस सीन पर आपत्ति है।'
इस पर कोर्ट ने कहा, 'आप सिर्फ इस वजह से अटक गए हैं कि फिल्म एक जानी-पहचानी शख्सियत पर आधारित है। लेकिन आप यह क्यों नहीं बता रहे कि असल आपत्ति किस सीन या डायलॉग पर है? क्या डायलॉग पर आपत्ति है या किसी सीन पर? आप तो फिर वहीं पहुंच गए जहां से शुरुआत हुई थी।'
वहीं, CBFC के वकील खंडेपरकर का कहना है, ‘फिल्म में कुछ भी इमेजिनरी नहीं है। मेकर्स इसे एक किताब पर आधारित बता रहे हैं। लेकिन फिल्म का प्रभाव किताब से अलग है और कुछ हिस्से खतरनाक भी हैं।’
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पहले भी मेकर्स ने कई आरोप लगाए
याचिका में मेकर्स की तरफ से यह बातें कही गईं...
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सेंसर बोर्ड ने हमसे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) मांगा है। लेकिन सिनेमैटोग्राफ एक्ट या इसके तहत बने नियमों में ऐसी कोई शर्त नहीं है। यह मांग गलत और बेबुनियाद है। NOC मांगना सिर्फ फिल्म की रिलीज को टालने की साजिश है।
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फिल्म की कहानी ‘द मोंक हू बिकेम चीफ मिनिस्टर’ नाम की एक बुक से ली गई है। इस किताब को शांतनु गुप्ता ने लिखा है। इसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीवन और उनकी पब्लिक लीडरशिप के बारे में बताया गया है। इस किताब को पहले से ही मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से मंजूरी मिल चुकी है। इसकी जानकारी हमने सेंसर बोर्ड को भी दी थी।
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हमने फिल्म, टीजर, ट्रेलर और एक प्रमोशनल गाने के लिए सेंसर बोर्ड के पास समय पर नोटिस दे दिया था। इसके बावजूद भी बोर्ड ने तय समय सीमा के अंदर कोई फैसला नहीं सुनाया।

फिल्म की मेकिंग में 30 करोड़ से ज्यादा का खर्च
‘अजेय: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ए योगी’ को राजेंद्र गौतम ने डायरेक्ट किया है। वहीं, रितु मेंगी इसकी प्रोड्यूसर हैं। फिल्म में सीएम आदित्यनाथ के बचपन से लेकर मुख्यमंत्री बनने तक के संघर्षों को दिखाया जाएगा। शुरुआत में फिल्म 1 अगस्त को रिलीज होने वाली थी। हालांकि, सर्टिफिकेट न मिलने पर रिलीज टल गई।
फिल्म की मेकिंग में अब तक 30 करोड़ से ज्यादा का खर्च हुआ है। इसमें मार्केटिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और प्रमोशन कोलैबोरेशन भी शामिल हैं।
फिल्म में अनंत जोशी, योगी आदित्यनाथ की भूमिका निभा रहे हैं। इससे पहले अनंत को फिल्म ‘12th फेल’ में देखा गया था।

