BJP में बड़े बदलाव के आसार: पार्लियामेंट्री बोर्ड में 4 CM! फडणवीस का नाम सबसे आगे; क्या 2029 के लिए लीडरशिप तैयार कर रही पार्टी
Published:
5 min read

तस्वीर अगस्त 2025 की है। तब जेपी नड्डा BJP अध्यक्ष थे। ऐसे में संसदीय बोर्ड की बैठक में वह PM मोदी के साथ बैठे हैं। अब उनकी जगह नितिन नबीन ले चुके हैं। हालांकि जेपी नड्डा अभी भी बोर्ड मेंबर हैं। (फोटो सोर्स: ANI)
नेशनल डेस्क। BJP अपने सबसे ताकतवर फैसले लेने वाले संगठन ‘पार्लियामेंट्री बोर्ड’ में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। 12 सदस्यों वाले इस बोर्ड में 30 अगस्त तक फेरबदल हो सकता है। इस बार पार्टी में युवा चेहरों के साथ-साथ 3 से 4 मौजूदा मुख्यमंत्रियों को जगह देने की खबरें हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन नामों में सबसे ज्यादा चर्चा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की है। उनके अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और पश्चिम बंगाल से CM सुवेंदु अधिकारी के नाम पर भी विचार चर रहा है। हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि अभी किसी नाम पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

क्यों हो रहा बदलाव?
फडणवीस और योगी आदित्यनाथ जैसे चेहरों को पार्लियामेंट्री बोर्ड में लाने का एक इशारा यह है कि BJP मोदी के बाद कौन? का जवाब तलाश रही है। यानी BJP अब सेकंड लाइन लीडर तैयार करना चाहती है।
BJP के इतिहास में पार्लियामेंट्री बोर्ड का इस्तेमाल कई बार भविष्य की लीडरशिप का संकेत देने के लिए हुआ है। 2013 में नरेन्द्र मोदी को पार्लियामेंट्री बोर्ड में शामिल किया गया। इसके ठीक बाद उन्हें BJP ने अपना PM कैंडिडेट बनाया। संभव है 2029 के लिए भी इसी तरह का प्लान हो। यानी बदलाव सिर्फ संगठनात्मक फेरबदल नहीं बल्कि BJP की भविष्य की नेशनल लीडरशिप की तस्वीर से जोड़कर देखा जाएगा।
लोकसभा चुनाव 2024 में महाराष्ट्र, बंगाल और हरियाणा जैसे राज्यों में BJP को हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन विधानसभा चुनावों में यहां एकतरफा जीत मिली। यह बताता है कि लोकल लीडर्स ने बेहतर तरीके से इलेक्शन मैनेजमेंट करते हुए हारी हुई बाजी पलट दी। यह एक कारण हो सकता है कि पार्लियामेंट्री बोर्ड में इन राज्यों से तेज तर्रार मुख्यमंत्रियों को बड़ी जिम्मेदारी दी जाए, जिससे 2029 के आम चुनाव में BJP को मदद मिले।

फडणवीस का नाम सबसे आगे क्यों?
अगर देवेंद्र फडणवीस को पार्लियामेंट्री बोर्ड में जगह मिलती है, तो इसे BJP की राष्ट्रीय राजनीति में उनके बढ़ते कद के संकेत के तौर पर देखा जा सकता है। महाराष्ट्र से फिलहाल इस बोर्ड में कोई सदस्य नहीं है। इससे पहले नितिन गडकरी इस बोर्ड का हिस्सा रह चुके हैं।
यह चर्चा भी है कि फडणवीस को राष्ट्रीय राजनीति में लाने की तैयारी है। वह RSS के करीबी माने जाते हैं और पार्टी के युवा नेताओं में उनका नाम काफी ऊपर है।
‘न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ ने एक सीनियर BJP नेता के हवाले से यह तक लिखा है कि अगर फडणवीस बोर्ड में आते हैं तो इससे राष्ट्रीय राजनीति में उनकी एंट्री का रास्ता साफ होगा और वह भविष्य में प्रधानमंत्री पद की रेस में भी होंगे।

जेपी नड्डा की हो सकती है छुट्टी
बोर्ड में 3-4 मौजूदा मुख्यमंत्रियों को जगह देने के लिए कुछ मौजूदा सदस्यों को बाहर करना होगा। इसमें पूर्व BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा का नाम भी चर्चा में है। फिलहाल BJP पार्लियामेंट्री बोर्ड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जेपी नड्डा समेत कुल 12 सदस्य हैं।
पार्टी यह भी देख रही है कि नए बोर्ड में अलग-अलग क्षेत्रों और बड़े सामाजिक समूहों को भी जगह मिले। दक्षिण भारत से भी किसी नेता को बोर्ड में जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है।
पार्लियामेंट्री बोर्ड में बदलाव के बाद BJP के संगठन में भी फेरबदल हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय चुनाव समिति और राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भी बदलाव की संभावना है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में इस बार ज्यादा युवा नेताओं को जगह मिल सकती है।
यह भी पढ़ें...

