सीरियल बम ब्लास्ट मामले का मुख्य आरोपी अब्दुल करीम टुंडा बरी, इरफान और हमीदुद्दीन दोषी

TADA Court Acquits Serial Bomb Blasts' Main Accused Abdul Karim Tunda : गुरुवार सुबह करीब सवा 11 बजे पुलिसकर्मी कड़ी सुरक्षा के बीच तीनों आरोपियों को लेकर कोर्ट पहुंचे थे।
सीरियल बम ब्लास्ट मामले का मुख्य आरोपी अब्दुल करीम टुंडा बरी
सीरियल बम ब्लास्ट मामले का मुख्य आरोपी अब्दुल करीम टुंडा बरीRaj Express

हाइलाइट्स :

  • 1993 में ट्रेनों में हुए थे सिलसिलेवार बम धमाके।

  • अजमेर की TADA कोर्ट ने 30 साल बाद सुनाया फैसला।

  • इरफान और हमीदुद्दीन को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

TADA Court Acquits Serial Bomb Blasts' Main Accused Abdul Karim Tunda : राजस्थान। अजमेर की TADA (आतंकवादी एवं विघटनकारी गतिविधियां अधिनियम) अदालत ने साल 1993 में लखनऊ, कानपुर, हैदराबाद, सूरत और मुंबई की ट्रेनों में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मुख्य आरोपी अब्दुल करीम टुंडा को बरी कर दिया। वहीं इस मामले में इरफान और हमीदुद्दीन को अदालत ने दोषी माना है और उम्रकैद की सजा सुनाई है। गुरुवार सुबह करीब सवा 11 बजे पुलिसकर्मी कड़ी सुरक्षा के बीच तीनों आरोपियों को लेकर कोर्ट पहुंचे थे।

यह मामला 6 दिसंबर 1993 से अदालत में चल रहा है। 5 शहरों में हुए हमलों में एक व्यक्ति की मौत हुई थी। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि, करीम टुंडा के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं मिले हैं। करीम टुंडा इसके पहले मुत्तरप्रदेश की गाजियाबाद जेल में बंद था। 24 सितम्बर साल 2023 को उसे गाजियाबाद से अजमेर लेकर आये थे। तब से उसे अजमेर की जेल में बंद रखा था। जांच एजेंसियों ने टुंडा को 2014 में नेपाल सीमा से पकड़ा था।

कौन है अब्दुल करीम टुंडा :

ट्रेनों में हुए सीरियल बेम विस्फोट का मास्टरमाइंड माना जाने वाला अब्दुल करीम टुंडा ने पकिस्तान खुफिया एजेंसी (ISI) से ट्रेनिंग ली थी। इसके तार लश्कर ए तैयबा से भी जुड़े थे। इसने अपने साथी जलीस अंसारी, नांदेड़ के आजम गौरी से साथ मिलकर तंजीम इस्लाम नामक संगठन बनाया था। इसने बाबरी मस्जिद विध्वंस का बदला लेने के लिए ट्रेनों में सीरियल बेम धमाके की साजिश रची थी।

दिल्ली पुलिस मुख्यालय के सामने बेम धमाके करने में भी टुंडा आरोपी है। साल 1996 में इंटरपोल ने टुंडा के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। साल 2000 में खबर उड़ी थी की टुंडा बांग्लादेश में मारा गया है लेकिन बाद में पता चला की वो जिन्दा है। संसद भवन में हमले के बाद जिन 20 आतंकियों के प्रत्यर्पण की मांग की गई थी उनमें टुंडा का नाम भी शामिल था।

टुंडा पर 33 क्रिमिनल केस:

अब्दुल करीम ने बम बनाते हुए अपना एक हाथ खो दिया था जिसके बाद इसका नाम टुंडा पड़ा। जानकारी के अनुसार टुंडा पर 33 क्रिमिनल केस हैं।

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