मिजोरम, अंडमान के साथ निकोबार में भी महसूस हुए भूकंप के झटके
मिजोरम, अंडमान के साथ निकोबार में भी महसूस हुए भूकंप के झटकेSocial Media

मिजोरम, अंडमान के साथ ही निकोबार के कैंपबेल में भी महसूस हुए भूकंप के झटके

आज सोमवार को मिजोरम, अंडमान- निकोबार के साथ ही निकोबार से भी भूकंप के झटके महसूस किए जाने की खबर सामने आई है। राहत की बात यह है कि, फ़िलहाल किसी प्रकार के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है।

Earthquake News : आज सामने आई रिपोर्ट के बाद भारत में एक बार फिर कोरोना वायरस के केस बढ़ते नजर आए। ऐसे में देश-दुनिया पहले ही भूकंप के झटकों जैसी प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में देश की राजधानी सहित कई राज्यों से भूकंप के झटके महसूस होने की खबरें सामने आती रही हैं। जिससे पहले ही लोगों में डर का माहौल है। वहीं, आज मिजोरम, अंडमान- निकोबार के साथ ही निकोबार से भी भूकंप के झटके महसूस किए जाने की खबर सामने आई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि, जिन जगहों से भूकंप खबरें सुनने में आई हैं। वहां से फ़िलहाल किसी प्रकार के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है।

मिजोरम में आए भूकंप की तीव्रता और केंद्र :

दरअसल, पिछले दिनों कई जगह से भूकंप के झटके महसूस किए जाने की खबरें सामने आने के बाद आज मिजोरम के चम्फाई में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। यहां भूकंप के यह झटके सोमवार की सुबह 6 बजकर 16 मिनट पर महसूस किये गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी -NCS) के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.7 मापी गयी है। जबकि, मिजोरम में आये भूकंप का केंद्र चम्फाई से 151 किलोमीटर दूर और जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में बताया जा रहा है।

अंडमान और निकोबार में आए भूकंप की तीव्रता :

अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भूकंप के यह झटके 9 और 10 अप्रैल की रात 2 बजकर 26 मिनट पर महसूस हुए हैं। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी -NCS) के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.6 मापी गयी है। भूकंप का केंद्र निकोबार द्वीप के कैंपबेल बे में 32 किमी की गहराई में बताया जा रहा है। बताते चलें, अंडमान- निकोबार द्वीप समूह में मात्र 24 घंटों में भूकंप के झटके 3 बार महसूस हो चुके हैं। जबकि, रविवार की दोपहर महसूस किए गए भूकंप के झटकों की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.1 मापी गई थी। इसके बाद यहां दोबोरा भी इससे ज्यादा तीव्रता से भूकंप के झटके महसूस हुए थे।

भूकंप की स्थिति में क्या करें, क्या न करें

  • भूकंप आने पर आप घर से बाहर हैं तो ऊंची इमारतों, बिजली के खंभों आदि से दूर रहें।

  • भूकंप के झटके महसूस बंद होने तक बाहर ही रहें।

  • यदि आप गाड़ी चला रहे हो तो गाड़ी को रोक लें और गाड़ी में ही बैठे रहें।

  • पुल या सड़क पर जाने से बचें।

  • भूकंप आने के वक्त यदि आप घर में हैं तो फर्श पर बैठ जाएं।

  • यदि आप घर से बाहर नहीं निकल सकते तो, घर के किसी कोने में चले जाएं।

  • घर में कांच, खिड़कियों, दरवाज़ों और दीवारों से दूर रहें।

  • भूकंप के समय लिफ्ट का इस्तेमाल करने से बचें।

क्यों आता है भूकंप :

भूकंप के बारे में आए दिन ही खबरें लगातार सामने आ रही हैं, किसी न किसी राज्य में भूकंप के झटके महसूस हो रहे हैं। ऐसे में बार-बार भूकंप के चलते मन में सवाल आता ही होगा कि, आखिर क्‍यों बार-बार भूकंप के झटके लग रहे हैं। दरअसल, धरती मुख्य तौर पर चार परतों से बनी होती है। इनर कोर, आउटर कोर, मैन्टल और क्रस्ट। क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल कोर को लिथोस्फेयर कहते हैं। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत कई वर्गों में बंटी हुई है, जिसे टैक्टोनिक प्लेट्स कहते हैं। ये टैक्टोनिक प्लेट्स अपनी जगह पर कंपन करती रहती हैं और जब इस प्लेट में बहुत ज्यादा कंपित हो जाती हैं, तो भूकंप के झटके महसूस होते हैं।

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