एक स्केच से 10 अरब डॉलर का मिसाइल सिस्टम: इजरायल का Barak MX; ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को हवा में करता है नष्ट, जानें खासियतें
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Barak MX: इजराइल अपने मल्टीलेयर एयर डिफेंस सिस्टम से अरबों डॉलर कमा रहा है।
Barak MX: इजराइल का बाराक-MX सिस्टम अब सिर्फ एक डिफेंस तकनीक नहीं बल्कि हथियार मार्केट का गेमचेंजर बन चुका है। हालांकि, इसकी शुरुआत सिर्फ एक हाथ से बने स्केच से हुई थी। इजराइल एयराेस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) के CEO बोआज लेवी ने इसका डिजाइन तैयार किया है। शुरूआती तौर पर एक ए4 शीट पर नीली पेन से उन्हाेंने इसका स्केच तैयार किया था। IAI के ऑफिस में यह स्केच आज भी टंगा है।
नीले पेन से एक व्हाइट पेपर पर खिंची गई कुछ लकीरों के आधार पर इस मिसाइल सिस्टम का पूरा खांका खींच लिया गया। इस डिफेंस सिस्टम ने इजराइल काे हवा के साथ ही समुद्री ताकत में इजाफा करने में अहम रोल अदा किया है। आज इजराइल का यह डिफेंस सिस्टम 10 अरब डॉलर से भी ज्यादा की कमाई कर चुका है। आइए, जानते हैं इजराइल के इस आर्ट ऑफ द स्टेट डिफेंस सिस्टम के बनने की पूरी कहानी।
क्या है बराक- MX
Barak MX एक ऐसा मल्टी-लेयर एयर डिफेंस सिस्टम है जो मौजूदा समय में कई देशों की पहली पसंद है। इजराइल ने अपने दूसरे एयर डिफेंस सिस्टम अमेरिका से मिली फंडिंग से तैयार की है, वहीं यह सिस्टम पूरी तरह 'ब्लू-एंड-व्हाइट' यानी इजरायल का खुद का सिस्टम है। इसके लिए अमेरिका से कोई फंडिंग नहीं ली गई है। अमेरिकी फंडिंग से बने हथियारों के एक्सपोर्ट पर कई तरह की राजनीतिक बंदिशें हैं। वहीं, बराक एमएक्स को इजराइल अमेरिका से बिना कोई मंजूरी लिए बेच सकता है। यही, वजह है कि इजराइल ने जहां इसकी मदद से अपनी नेवी को मजबूती दी है, वहीं दूसरी ओर इसे बेचकर मोटा मुनाफा भी कमा रहा है।
स्केच से शुरुआत, अब अरबों डॉलर की डील
इसकी तीन इंटरसेप्शन रेंज हैं, 35 किमी, 70 किमी और 150 किमी। यह वर्टिकल लॉन्चिंग करता है, जिससे 360 डिग्री कवर मिलता है। मिसाइल हवा में उड़ते ही अपने टारगेट की दिशा में एडजस्ट हो जाती है और फिर 22 किलो के वॉरहेड से हजारों टंगस्टन फ्रैगमेंट छोड़ती है। इसका मतलब है कि टारगेट के बचने की कोई गुंजाइश नहीं बचती। आज यह सिस्टम इजरायली नेवी के Saar 6 वॉरशिप पर ऑपरेशनल है। हालिया युद्ध में जब ईरान और हिजबुल्ला ने इजराइल पर अटैक किया, तब इसी सिस्टम ने इजराइली नेवी के वॉरशिप्स को सुरक्षित रखा।
कौन-कौन खरीद रहा है Barak MX?
इस मिसाइल को तीन देशों ने इजराइल से खरीदा है, वहीं, 10 ऐसे देश हैं जो इसे हासिल करने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। स्लोवाकिया ने दिसंबर 2024 में इसे खरीदने के लिए 583 मिलियन डॉलर की डील क्लोज की थी। इजराइल और स्लोवाकिया के बीच यह अब तक की सबसे बड़ी डिफेंस डील मानी जाती है। नवंबर 2023 में अजरबैजान ने इस सिस्टम को खरीदने के लिए 1.2 बिलियन डॉलर की डील साइन की। मोरक्को ने 500 मिलियन डॉलर का करार किया है। साइप्रस ने 2 बिलियन डॉलर की लागत से इजराइल से यह एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने का समझौता किया है। इसके अलावा, नीदरलैंड, स्लोवाकिया, ग्रीस, जर्मनी, पोलैंड, सऊदी अरब, UAE, वियतनाम, फिलिपिंस और थाईलैंड ने इस मिसाइल सिस्टम को खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इनमें से कुछ देशों के साथ तो डील फाइनल स्टेज में पहुंच चुकी है।
बराक-8 से प्रेरित होकर तैयार किया गया है बराक–MX
बराक एमएक्स को Barak-8 के बेस पर तैयार किया गया है। बराक–8 को भारत और इजरायल ने मिलकर बनाया है। 2007 में इसे डेवलप करने के लिए 1.5 अरब डॉलर की डील हुई थी। भारत की DRDO और इजराइल की IAI ने मिलकर तैयार किया है। 'Make in India' के तहत टेक ट्रांसफर के साथ इसका प्रोडक्शन भारत में हो रहा है। इस प्रोजेक्ट में दोनों देशों की नेवी, डिफेंस मिनिस्ट्री और कई डिफेंस कंपनियों ने कोलैब किया है। भारत की भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL), टाटा एडवांस्ड सिस्टम और इजराइल की राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम ने भी इसके कई कंपोनेंट डेवलप किए हैं। इसका इंजन डीआरडीओ ने तैयार किया है। इजराइल के वॉर शिप्स के साथ ही भारत के नए डिस्ट्रॉयर शिप्स पर भी इसे तैनात किया गया है। बाद मे इजराइल ने इसी से प्रेरणा लेते हुए ना सिर्फ बराक एमएक्स का इंजन डिजाइन किया, बल्कि इसमें कई हाईएंड सेंसर्स समेत कई नई टेक्नोलॉजी शामिल की। बराक–MX और Barak-8 दोनों अलग अलग मिसाइलें हैं। बराक–MX को Barak-8 का अपग्रेडेड वर्जन भी कहा जा सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह से IAI ने तैयार किया है।
बराक एमएक्स की खासियतें जो उसे दूसरे एयर डिफेंस सिस्टम से अलग बनाती हैं:
- 1. बराक–MX में कई सेंसर्स, बैटल मैनेजमेंट और इंटरसेप्टर्स को एक ही सिस्टम में शामिल किया गया है। इस मॉड्यूल की वजह से इसे अलग–अलग मिशनों की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जा सकता है। इसकी मारक क्षमता को घटाया–बढ़ाया जा सकता है।
- 2. यह डिफेंस कई तरह के हवाई खतरों को टालने की क्षमता रखता है। यह फाइटर जेट्स, हेलिकॉप्टर्स, ड्रोन्स, क्रूज मिसाइलों, ग्लाइडिंग बमों और बैलेस्टिक मिसाइलों को नाकाम कर सकता है। यह एक साथ कई दिशाओं से होने वाले हवाई हमलों को हवा में ही नष्ट कर सकता है।
- 3. इस सिस्टम में मल्टिपल इंरटसेप्टर्स लगे हैं। एमआरएडी 35 किलोमीटर की रेंज तक, एलआरएडी 70 किलोमीटर तक और ईआर 150 किलोमीटर की दूरी तक किसी भी एरियल ऑब्जेक्ट को इंटरसेप्ट कर खत्म कर सकता है।
- 4. बराक-MX को एडवांस्ड बैटल मैनेजमेंट सेंटर की मदद से ऑपरेट किया जाता है। यह कमांड और कंट्रोल सिस्टम की बदौलत किसी भी आसमानी खतरे की बिल्कुल सही तस्वीरें सामने रख सकता है। ऐसे में यह आसान हो जाता है कि कौन सा खतरा कितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
- 5. हर सिस्टम एक कॉमन लॉन्च प्लेटफॉर्म से फायर होता है। केवल मिसाइल का आकार अलग होता है, जिससे लॉजिस्टिक्स आसान हो जाती है। इसकी इंटरसेप्शन स्पीड इतनी तेज है कि एयरक्राफ्ट के पास बचने का वक्त ही नहीं होता।
- 6. Barak MX की खासियत यह है कि यह एक ट्रक-माउंटेड सिस्टम है। इस वजह से इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाना बेहद आसान है। यह 70 सेकंड के भीतर पूरा सेल्वो फायर कर सकता है। इसके लॉन्चर्स में अलग-अलग रेंज की मिसाइलें एक साथ लोड की जा सकती हैं।
- 7. यह मिसाइल सिस्टम दिन रात किसी भी समय में काम करने में सक्षम है। इसके साथ ही यह खराब मौसम में भी दुश्मन को पहचान कर ठिकाने लगा सकती है। इस सिस्टम को हैक करना मुमकिन नहीं है। यह साइबर सिक्योरिटी प्रूफ है। हवाई और जमीनी दोनों तरह के हमलों के लिए यह एक सटीक सिस्टम है।
क्यों Barak MX की मांग इतनी ज्यादा है ?
बराक– MX की डिमांड इतनी ज्यादा होने की दो अहम वजहें हैं। पहला तो यह कि यह ऑपरेशनल एक्सपीरियंस रखता है। इसे जंग में टेस्ट किया जा चुका है। हमास, हिजबुल्ला, ईरान, हूति के खिलाफ इसे इस्तेमाल किया गया है। दूसरी अहम वजह है कि यह दूसरे डिफेंस सिस्टम के मुकाबले सस्ता है। बराक–एमएक्स, राफेल कंपनी के David’s Sling से सस्ता है। एक डेविड स्लिंग मिसाइल की कीमत 1 मिलियन डॉलर है। वहीं बराक, इससे कहीं कम कीमत में आ जाती है।
इजराइल का AI बेस्ड डिफेंस सिस्टम भी तैयार
गाजा और लेबनान की तरफ से लगातार हो रहे ड्रोन अटैक ने इजरायल की सेना को मजबूर कर दिया कि वो नई टेक्नोलॉजी विकसित करे। इसका जवाब है इजराइल का Shomo Shamayim" (आसमान की निगरानी)। यह एक AI बेस्ड सॉफ्टवेयर है जो ड्रोन लॉन्च का पैटर्न, ऊंचाई, स्पीड, और टाइप देखकर पहले से अलर्ट दे देता है। अब यह सिस्टम दक्षिणी क्षेत्र में भी लगाया जा रहा है। इजिप्ट और जॉर्डन की सीमा पर ड्रोन स्मगलिंग को रोकने के लिए इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता हूं।

