इमरान खान को अस्पताल भेजो: पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट का आदेश; अडियाला जेल में 3 साल से बंद हैं पूर्व PM
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पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व PM इमरान खान को जेल से अस्पताल शिफ्ट करने का ऑर्डर दिया है।- फाइल
इंटरनेशनल डेस्क। पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल से अस्पताल शिफ्ट करने का आदेश दिया है। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने इसकी जानकारी दी। इमरान 5अगस्त 2023 से ही रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं। लंब समय से इमरान खान का परिवार और उनकी पार्टी उनकी खराब होती सेहत को लेकर चिंता जता रहे थे।
Reuters के मुताबिक, अब कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें जेल से शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाया जाएगा। कोर्ट ने उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए अस्पताल में इलाज और मेडिकल निगरानी में रखने का ऑर्डर दिया है।
इमरान की पार्टी ने फैसले का स्वागत किया
PTI के प्रवक्ता नईम हैदर पंजूथा के मुताबिक, कोर्ट ने इमरान खान को 48 घंटे के अंदर शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाने का निर्देश दिया है। उन्हें 16 सितंबर तक अस्पताल में रखा जाएगा। इससे पहले अगर डॉक्टर उनकी सेहत को लेकर संतुष्ट हो जाते हैं तो आगे का फैसला मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर होगा। PTI प्रवक्ता जुल्फिकार बुखारी ने कहा- कोर्ट के आदेश का स्वागत है। यह फैसला इमरान खान की आंख और सेहत खराब होने से पहले हो जाना चाहिए था।

इमरान खान पर भ्रष्टाचार-अवैध शादी जैसे आरोप
73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। इमरान खान को प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद कई मामलों में सजा सुनाई गई। 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए उनकी सरकार गिर गई थी। इसके बाद से उन पर स्टेट गिफ्ट्स यानी तोशाखाना, अवैध शादी समेत कई मामलों में केस चले। इनमें से कुछ मामलों में उन्हें सजा भी हुई है। इमरान खान का दावा है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। उनके खिलाफ ये सभी केस राजनीतिक वजहों से दर्ज कराए गए हैं।
पाकिस्तान की सियासत के लिहाज से फैसला अहम
इमरान खान के खिलाफ चल रहे मामलों में भी स्थिति एक जैसी नहीं है। कुछ मामलों में उनकी सजा सस्पेंड या पलट दी गई है, जबकि कई मामलों में अपील अभी पेंडिंग है। इमरान खान सभी आरोपों से इनकार करते हैं। ऐसे में जेल से अस्पताल भेजने का सुप्रीम कोर्ट का आदेश सिर्फ मेडिकल मामला नहीं है। यह पाकिस्तान की राजनीति में भी अहम है, क्योंकि इमरान खान की सेहत और जेल में उनके ट्रीटमेंट को लेकर PTI और सरकार लंबे समय से आमने-सामने रही है।

पिछले साल से इमरान की सेहत बिगड़ रही
इमरान खान की सेहत को लेकर पिछले साल से ही सवाल उठते रहे हैं। उनके बेटों ने भी कई बार उनकी तबीयत को लेकर चिंता जताई थी। Reuters के मुताबिक, इमरान खान के वकीलों का कहना था कि जेल में रहने के दौरान उनकी दाईं आंख की रोशनी बेहद कम हो गई है। परिवार और पार्टी लंबे समय से मांग कर रहे थे कि उन्हें बेहतर मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए अस्पताल ले जाया जाए। अब जाकर सुप्रीम कोर्ट ने यह ऑर्डर दिया है।

पार्टी बोली- सिर्फ अस्पताल शिफ्ट करना काफी नहीं
PTI ने कहा है- इमरान खान को सिर्फ अस्पताल शिफ्ट करना काफी नहीं है। पार्टी चाहती है कि जब तक डॉक्टर उनकी सेहत को लेकर पूरी तरह संतुष्ट न हों, तब तक उन्हें अस्पताल में ही रखा जाए। जुल्फिकार बुखारी ने भी कहा कि इमरान खान को तब तक अस्पताल में रहना चाहिए, जब तक सभी डॉक्टर उनकी मेडिकल कंडीशन को लेकर संतुष्ट न हो जाएं।
कई पूर्व कप्तानों ने इमरान का मुद्दा उठाया था
इमरान खान की जेल में कंडीशन को लेकर पाकिस्तान के बाहर भी सवाल उठते रहे हैं। फरवरी में दुनिया के कई पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने इमरान खान के साथ बेहतर ट्रीटमेंट की मांग की थी। भारत समेत कई देशों के पूर्व क्रिकेटरों ने जेल में उनकी हालत को लेकर चिंता जताई थी। इमरान खान खुद भी जेल में अपने साथ होने वाले बर्ताव को लेकर कई बार सवाल उठा चुके हैं।
पाकिस्तान के पॉलिटिक्स में अब भी इमरान की पकड़
इमरान खान की पार्टी PTI की पाकिस्तान की राजनीति में अब भी मजबूत पकड़ है। 2018 में PTI ने चुनाव जीतकर सरकार बनाई थी। हालांकि 2024 के आम चुनाव से पहले पार्टी से उसका इलेक्शन सिंबल वापस ले लिया गया था। इसके बाद PTI के कैंडिडेट्स को अलग-अलग इलेक्शन सिंबल पर इंडिपेंडेंट कैंडिडेट के तौर पर चुनाव लड़ना पड़ा। इसके बावजूद पार्टी को कई इलाकों में समर्थन मिला। इमरान खान की लोकप्रियता पाकिस्तान की सियासत में अब भी बड़ा फैक्टर है।

