जापान में 100 साल से ज्यादा उम्र के 1 लाख लोग: ऐसा पहली बार हुआ, इनमें 88 फीसदी महिलाएं; घटती आबादी के बीच बढ़ती उम्र का क्या है कारण
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पिछले हफ्ते जापान सरकार की ओर से जारी रिपोर्ट में सामने आया कि पहली बार देश में 100 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या एक लाख के पार पहुंच गई है।
नेशनल डेस्क। जापान की आबादी भले ही लगातार कम हो रही है, लेकिन वहां 100 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। देश में पहली बार ऐसे लोगों की संख्या 1 लाख का आंकड़ा पार कर गई है।
जापान के हेल्थ, लेबर और वेलफेयर मिनिस्ट्री के मुताबिक, सितंबर 2026 में देश में 100 साल या उससे ज्यादा उम्र के 1,07,677 लोग हैं। पिछले साल के मुकाबले यह संख्या करीब 8 हजार बढ़ी है। यह लगातार 56वां साल है, जब जापान में 100 साल की उम्र पार करने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है।
इन 1.07 लाख लोगों में महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा है। मंत्रालय के मुताबिक, 94,298 महिलाएं 100 साल या उससे ज्यादा उम्र की हैं। यानी कुल सेंचुरियन में करीब 88% महिलाएं हैं।
हेल्थ मिनिस्टर केनिचिरो उएनो ने आंकड़ों पर खुशी जताते हुए कहा कि यह अच्छी बात है कि इतने लोग लंबे वक्त तक एक्टिव और स्वस्थ जीवन जी रहे हैं।

जापान में लोगों की लंबी उम्र क्यों होती है?
जापान के लोगों की लंबी उम्र के पीछे कई वजह बताई जाती हैं। इनमें बैलेंस डाइट और बेहतर हेल्थ सर्विस सबसे अहम हैं। इसके अलावा जापानी समाज में ‘इकिगाई (Ikigai)’ जैसी सोच भी लोकप्रिय है। इसका मतलब है कि व्यक्ति को अपनी जिंदगी में किसी ऐसे काम या मकसद को खोजना चाहिए, जिससे उसे खुशी मिले और जीवन का मतलब महसूस हो। जापान में लोग इस सोच पर चलते भी हैं और खुद को काम में व्यस्त रखते हैं।
जापान में दुनिया के सबसे ज्यादा उम्र वाले लोगों में शामिल कुछ लोग भी रहते हैं। हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक, क्योटो की 114 साल की फुयो किशिमोटो और कुमामोटो के 112 साल के हिकारू काटो देश के सबसे बुजुर्ग लोग हैं।
लंबी उम्र के साथ बढ़ रही दूसरी चुनौती
जापान के लिए लोगों का लंबे समय तक जीना अपने साथ एक बड़ी आर्थिक चुनौती भी लेकर आया है। बुजुर्गों की बढ़ती संख्या से हेल्थकेयर और बुजुर्गों की देखभाल का खर्च बढ़ रहा है, जबकि काम करने वाले लोगों की संख्या घट रही है।
जापान की कुल आबादी करीब 12.3 करोड़ है और यह लगातार कम हो रही है। देश में जन्म दर रिकॉर्ड निचले लेवल पर पहुंच चुकी है। यानी एक तरफ लोग ज्यादा लंबा जीवन जी रहे हैं, तो दूसरी तरफ युवाओं की संख्या कम होती जा रही है।
कामगारों की कमी को पूरा करने के लिए जापान ने हाल के कुछ सालों में विदेशी लोगों के लिए अपने दरवाजे भी खोले थे। हालांकि, इसे लेकर विरोध बढ़ने के बीच सरकार को हाल ही में वीजा नियमों को सख्त करना पड़ा है।
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