इंदौर में गांधी जयंती पर अनोखा 'न्यायाग्रह' : बेटियों ने जंजीरों में खुद को बांध पूछा- सुरक्षा के नाम पर महिलाओं की आजादी पर पाबंदी क्यों?
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बेटियों का ‘न्यायाग्रह’, जंजीरों में बांधकर उठाई आजादी की आवाज।
इंदौर। गांधी जयंती के मौके पर इंदौर में महिलाओं की आजादी, सम्मान और सुरक्षा को लेकर अनोखा प्रदर्शन किया गया। रीगल चौराहे पर गांधी प्रतिमा के सामने आयोजित ‘न्यायाग्रह’ में बेटियों ने खुद को सांकेतिक रूप से जंजीरों में बांधकर विरोध जताया। प्रदर्शन के जरिए महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने और उन्हें अपने जीवन के फैसले खुद लेने की आजादी की मांग उठाई गई।
जंजीरों में बंधकर जताया विरोध
कार्यक्रम में शामिल बेटियों ने खुद को जंजीरों से बांधकर महिलाओं की स्थिति पर ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर उनकी आवाजाही, पहनावे और निजी फैसलों पर रोक लगाना सही समाधान नहीं है। इसके बजाय महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने और दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है।
सुरक्षा के नाम पर आजादी सीमित करने का विरोध
प्रदर्शन में शामिल प्रकाम्या परमार ने कहा कि महिलाओं और बेटियों के साथ होने वाले अपराधों का समाधान उनकी स्वतंत्रता पर पाबंदी लगाना नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें बेटियां बिना डर के पढ़ाई कर सकें, काम कर सकें और सम्मान के साथ अपना जीवन जी सकें।
अपराध रोकने और सुरक्षित माहौल की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि महिलाओं के पहनावे, आने-जाने और व्यक्तिगत फैसलों पर बंदिश लगाने के बजाय अपराधों को रोकने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाने और उनके अधिकारों का सम्मान करने की मांग की।
सत्याग्रह की भावना से रखा ‘न्यायाग्रह’ नाम
गांधी जयंती के मौके पर हुए इस कार्यक्रम को सत्याग्रह की भावना से जोड़ते हुए ‘न्यायाग्रह’ नाम दिया गया। कार्यक्रम में बेटियों के अधिकार, सम्मान, स्वतंत्रता और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए गए।

