सागर में जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत: 25 से अधिक बीमार; सहायक आबकारी आयुक्त समेत तीन अधिकारी सस्पेंड; CM बोले- सख्त कार्रवाई होगी
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जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल, सागर एसपी अनुराग सुजानिया समेत पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया।
सागर। जिले की बंडा तहसील में जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत की खबर सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। वहीं करीब 25 लोगों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें उपचार के लिए अलग-अलग अस्पतालों में रेफर किया गया है। ये घटना शनिवार और रविवार की दरमियानी रात की बताई जा रही है। हालांकि कलेक्टर ने 10 मौतों की पुष्टि की है। वहीं गंभीर मरीजों को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल सागर रेफर किया है। इस मामले में सरकार ने आबकारी विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। वहीं उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को मुख्यालय ग्वालियर अटैच किया गया है।
तीन आबकारी अधिकारी निलंबित
जहरीली शराब कांड मामले में राज्य शासन ने सागर जिले में पदस्थ तीन आबकारी अधिकारियों को निलंबित किया है। इनमें सागर में सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते एवं बंडा सर्किल में आबकारी उप निरीक्षक राशनी उरेती शामिल हैं। इसके अलावा उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को मुख्यालय ग्वालियर अटैच किया गया है।

जहरीली पर शराब सीएम बोले- सख्त कार्रवाई करेंगे
सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैंने संबंधित मंत्री और अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। हम इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई करेंगे और जांच कराएंगे। हमारी सरकार इस तरह की घटनाओं को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी।
प्रशासनिक अमले में मचा हड़कंप
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मृतक बंडा क्षेत्र के बराज, गूगरा, नोराज और बामूरा गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल, सागर एसपी अनुराग सुजानिया समेत पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा वास्तविक वजह का खुलासा
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। मृतकों और बीमार हुए लोगों ने शराब कहां से खरीदी थी, शराब का स्रोत क्या था और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। मौतों की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
ठेकेदार ने आबकारी विभाग से की थी नकली शराब की शिकायत
इस घटना ने जिले में अवैध और नकली शराब के कारोबार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि हाल ही में एक लाइसेंसी शराब ठेकेदार ने ‘बॉम्बे व्हिस्की’ नाम से नकली शराब की बिक्री की शिकायत आबकारी विभाग से की थी। इसके अलावा करीब चार दिन पहले आबकारी विभाग की बैठक में भी लाइसेंसी ठेकेदारों ने अवैध और नकली शराब की बिक्री का मुद्दा उठाया था।
अब बंडा की घटना के बाद आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, जहरीली शराब से मौत की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस मामले की तह तक पहुंचने के लिए जांच कर रही है।
प्रतिभा पाल, कलेक्टर, सागर
डॉ देवेश पटेरिया, CMHO
मृतक के परिजन
वीरेंद्र सिंह लंबरदार, विधायक, बण्डा
दीपक सक्सेना, आबकारी कमिश्नर

