अमित शाह बोले- छात्रों के मुद्दे पर हर सवाल का जवाब दूंगा: राहुल ने कहा- कोई दिलचस्पी नहीं; इस्तीफा देना चाहिए
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दिल्ली के जंतर- मंतर पर छात्रों पर एक्शन को लेकर विपक्ष लगातार गृहमंत्री का जवाब मांग रहा है। (फाइल फोटो)
नेशनल डेस्क. दिल्ली में छात्रों पर एक्शन के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को संसद में बहस का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा- छात्रों के प्रोटेस्ट पर सभी प्रकार की चर्चा करने के लिए तैयार हैं। विपक्ष तैयार हो जाए। वह किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
हालांकि, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा- हमें अमित शाह का बयान सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। अमित शाह ने विपक्ष पर छात्रों के मुद्दे पर बहस से भागने और संसद की कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाया।
मैं हर दिन संसद आता हूं- अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- देखिए सबसे पहले लापता और भाग गए हैं इस प्रकार की भाषा भारत की सार्वजनिक जीवन और संसदीय जीवन में अभी अभी सुनाई देती है। जब से संसद सत्र शुरू हुआ है तबसे मैं लगातार संसद में आता हूं और अपने चैंबर में बैठा हूं चूंकि विपक्ष सदन को चलने नहीं दे रहे हैं। तो कोई जाकर क्या करेगा? जहां तक चर्चा का सवाल है, सरकार की ओर से किरेन रिजिजू ने स्पष्ट कर दिया कि छात्र आंदोलन के प्रदर्शन पर सभी प्रकार की चर्चा करने के लिए तैयार हैं और चर्चा के लिए समय सुनिश्चित किया जाए और विपक्ष तैयार हो जाए।
'वो चर्चा नहीं होने देना चाहते'
अमित शाह ने कहा- मेरी ओर से मैंने भी कह दिया कि मैं किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हूं लेकिन वो चर्चा ही नहीं होने देना चाहते हैं। आज 3 बजे तक वो स्पीकर साहब को पत्र दें और कल 3 बजे तक हम सभी प्रकार की चर्चा के लिए तैयार हैं मैं सदन में बैठूंगा और सबको सुनूंगा और सब चीजों का जवाब दूंगा। अब विपक्ष को तय करना है उनको चर्चा करनी है या हंगामा करना है।
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गृह मंत्री में हिम्मत नहीं है- राहुल गांधी
वहीं इस पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा- विपक्ष ने साफ कहा है कि हमें अमित शाह का बयान सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। जब मैं हम कहता हूं, तो मेरा मतलब देश की युवा पीढ़ी से है। छात्रों पर गोली किसने चलाई? कील लगी लाठियों से छात्रों को पीटने का आदेश किसने दिया? क्या हमारे बच्चों पर गोली चलाने का आदेश अमित शाह ने दिया था? अगर उन्होंने ऐसा किया है, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। पिछले 20 दिनों से अमित शाह गायब हैं। भारत के गृह मंत्री में हिम्मत नहीं है, वे सदन में नहीं आ सकते।

