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PM मोदी ने किया AI समिट का उद्घाटन: आकाश अंबानी ने Jio पवेलियन में AI-लेड ट्रांसफॉर्मेशन दिखाया
Mon, 16 Feb, 2026
1 min read

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को AI Impact Summit 2026 समिट में शामिल होने के लिए दुनिया से भर से आए गेस्ट्स का स्वागत किया।
समिट की थीम है सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय।
आकाश अंबानी ने PM को डेवलप किए जा रहे AI इकोसिस्टम की जानकारी दी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जियो के AI पवेलियन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जियो द्वारा विकसित विभिन्न AI आधारित मॉडलों और समाधानों की जानकारी ली। इस मौके पर रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के चेयरमैन आकाश अंबानी ने कंपनी द्वारा विकसित किए जा रहे AI इकोसिस्टम और उसके विभिन्न आयामों की जानकारी प्रधानमंत्री को दी। जियो लंबे समय से “AI for All” की अवधारणा पर जोर देता रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी पहले भी कह चुके हैं कि तकनीक का वास्तविक लाभ तब मिलता है, जब वह बड़े पैमाने पर आम लोगों तक पहुंचे। इसी सोच के तहत जियो “AI for All” के विज़न पर काम कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में इंडिया AI Impact Summit 2026 का उद्धाटन किया। कुछ देर बाद वह टेक कंपनियों के CEO के साथ मीटिंग करेंगे।
केंद्र जल्द लॉन्च करेगा ‘Create in India’ मिशन
केंद्र सरकार जल्द ही Create in India मिशन शुरू करने जा रही है। रेल और आईटी मंत्री मिनिस्टर अश्वनी वैष्णव ने कहा- यह मिशन इंडस्ट्री, जॉब और फ्यूचर की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इसका मकसद हमारी मौजूदा क्षमताओं को मजबूत करना, भारत को दुनिया का सबसे पसंदीदा प्लेटफॉर्म बनाना और भविष्य के लिए तैयार टैलेंट पाइपलाइन तैयार करना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत मंडपम पहुंचे हैं। यहां वे कुछ ही देर में इंडिया AI Impact Summit 2026 का उद्घाटन करेंगे।
AI मॉडल तेज रफ्तार से बेहतर हो रहे- माइक्रोसॉफ्ट इंडिया प्रेसिडेंट
माइक्रोसाॅफ्ट इंडिया के प्रेसिडेंट पुनीत चंदोक बोले- आज आपने जो मॉडल देखे हैं, वे बेहद प्रभावशाली हैं और हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। AI के साथ हमारे पास पहले से कहीं ज्यादा तेजी से आगे बढ़ने की क्षमता है। दुनिया बदल रही है और इसे अपनाने के लिए तैयार है।
चंदोक ने इसारा किया कि एआई केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आपदा प्रबंधन, हेल्थ, एजुकेशन और गवर्नेेंस जैसे क्षेत्रों में भी बड़ा बदलाव लाएगा। एआई आधारित सोल्यूशन न केवल अनुमान लगाने में सक्षम हैं, बल्कि लोकल लेवल पर तेजी से रियक्शन देने और बड़े पैमाने पर लागू होने की क्षमता भी रखते हैं।
मेहमानों का स्वागत - शास्त्रीय संगीत, तिलक और तुलसी माला
दुनिया भर से आए प्रतिनिधियों और राष्ट्राध्यक्षों का स्वागत भारतीय परंपरा के मुताबिक किया जाएगा। होटल ताज पेलेस में मेहमानों के स्वागत की स्पेशल तैयारियां की गई हैं। सभी मेहमानों का स्वागत ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा के तहत किया जाएगा।
भारत में AI यूजर्स और लोगों की जरूरत के मुताबिक तैयार करना है
शिपरॉकेट के MD और CEO साहिल गोयल ने कहा कि यह इवेंट इनोवेटर्स, स्टार्टअप्स, पॉलिसी मेकर्स और एंटरप्राइजेज को एक मंच पर लाने में मददगार। ऐसे समिट से आने वाले समय में ज्यादा कंपनियों के साथ आने और उनके बीच पार्टनरशिप का रास्ता खोल सकते हैं। इस पहल के लिए सरकार का आभार। साहिल गोयल ने कहा- सिर्फ AI का इस्तेमाल करना काफी नहीं है, बल्कि भारतीय यूजर्स और लोकल लोगों की जरूरतों के मुताबिक AI तैयार करना जरूरी है। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने की जरूरत, ताकि टेक्नोलॉजी का बेनिफिट बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंच सके।
AI फॉरम में बड़े टेक इनवेस्टर
समिट में दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियों के CEO शामिल हो रहे हैं। सुंदर पिचाई, सैम अल्टमैन, डेमिस हसाबिस और डारियो अमोदेई कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा भी शिरकत करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन के बाद क्लोज डोर CEO फायरसाइड मीटिंग में भाग लेंगे। सरकार AI को विकसित भारत 2047 के टारगेट से जोड़कर देख रही है।
ओपनएआई से गूगल तक, दिग्गजों की मौजूदगी
समिट में इस सप्ताह दुनिया की प्रमुख एआई कंपनियों के शीर्ष अधिकारी शामिल हो रहे हैं। OpenAI, Google, Microsoft और Amazon जैसे टेक दिग्गजों की भागीदारी ने इस आयोजन को वैश्विक महत्व दे दिया है। भारत तेजी से एआई निवेश का केंद्र बन रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, गूगल की मूल कंपनी Alphabet, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन मिलकर 2030 तक एआई और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में 68 अरब डॉलर तक का निवेश कर चुके हैं या प्रतिबद्धता जता चुके हैं। भारत सरकार इस समिट को विकासशील देशों की आवाज को ग्लोबल एआई गवर्नेंस में मजबूत करने के मंच के रूप में पेश कर रही है।
यह समिट भारत में हो रहा है- भारत की ग्लाेबल पावर है
न्यूजीलैंड के IT मंत्री डॉ शेन रेटी ने कहा- यह समिट भारत में हो रहा है, इस बात की वैश्विक मान्यता है कि एआई क्षेत्र में भारत की क्या अहमियत है। शेन ने कहा- भारत केवल आकार में ही बड़ा नहीं है, बल्कि नीति निर्माण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण काम कर रहा है। न्यूजीलैंड भारत के अनुभवों से सीखना चाहता है और एआई के क्षेत्र में साझेदारी को आगे बढ़ाना चाहता है।
भरोसे के बिना एआई संभव नहीं
रेटी ने आगे कहा- एआई के वादों का लाभ उठाने के लिए समाज का भरोसा जीतना जरूरी है। अगर हमें एआई के फायदों को हासिल करना है तो हमें सोशल लाइसेंस चाहिए और सोशल लाइसेंस तभी मिलेगा जब हम समुदायों का भरोसा जीतेंगे।
एआई से सामाजिक बदलाव की दिशा
हरीश कृष्णन सिस्को इंडिया (Cisco Systems India) के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। हरीश ने कहा कि एआई आने वाली पीढ़ियों के लिए सामाजिक भलाई की दिशा तय कर रहा है और इंसानी पावर को मजबूत बना रहा है। ‘डेमोक्रेटाइजिंग एआई रिसोर्सेज फॉर इकोनॉमिक ग्रोथ एंड सोशल गुड’ विषय पर बोलते हुए हरीश ने कहा कि सबसे अहम स्किल अब भी मानव कौशल ही हैं। उनके मुताबिक, एआई एजेंट कई काम प्रभावी तरीके से कर रहे हैं, लेकिन असली फर्क इंसानी समझ और डिसिजन पावर से आता है।
एग्रीकल्चर में एआई की भूमिका
हरीश कृष्णन ने ‘कृषि मंगल’ कार्यक्रम का उदाहरण देते हुए बताया कि यह पहल बहुभाषी प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों तक पहुंच रही है। कृषि मंगल कार्यक्रम में 44 हजार महिला किसान जुड़ी हैं। सॉवरेन एआई आधारित यह मॉडल उनकी इनकम बढ़ाने और लाइफस्टाइल सुधारने में मदद कर रहा है।
जाॅब सिक्योरिटी पर ओपन डिबेट
समिट में द फ्यूचर ऑफ एम्प्लॉयबिलिटी इन द एज ऑफ एआई सत्र में रोजगार को लेकर भी ओपन डिबेट हुई। उद्योग जगत के नेताओं का मानना रहा कि कुछ पारंपरिक नौकरियां खत्म हो सकती हैं, लेकिन एआई नए अवसर भी पैदा करेगा।
संजीव भिखचंदानी फाउंडर इंफो एज (Info Edge) Naukri.com के मालिक हैं। संजीव ने कहा कि टेक्नोलॉजी में बदलाव से डरने की जरूरत नहीं है।जब बैंकों में कंप्यूटर आए थे, तब भी नौकरी जाने की आशंका जताई गई थी, लेकिन हुआ इसका उल्टा। किसी की नौकरी नहीं गई, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग बढ़ी। युवाओं को मैसेज देते हुए कहा- पॉलिसी की चिंता मत करो। यह सोचो कि तुम क्या कर सकते हो ताकि एआई तुम्हारी नौकरी न छीने, बल्कि तुम्हें नौकरी दिलाने में मदद करे।
मेगा समिट के लिए हाईटेक सिक्योरिटी
AI Impact Summit 2026 को लेकर सिक्योरिटी के हाईटेक इंतजाम किए गए हैं। भारत मंडपम (Bharat Mandapam) के आसपास कड़ी निगरानी रखी जा रही है। दिल्ली पोलिस Delhi Police समेत सुरक्षा एजेंसियां AI आधारित निगरानी सिस्टम का इस्तेमाल कर रही हैं। पूरे भारत मंडपम को 10 जोन और 22 सेक्टर में बांटा गया है।
10 हजार से ज्यादा जवान तैनात
सिक्योरिटी के लिए 10 हजार से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों की भी तैनाती की गई है। 25 एंटी सबोटाज टीमें और बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वाड तैनात हैं। 5 एंटी ड्रोन सिस्टम और चार एयर डिफेंस गन भी भारत मंडपम के आसपास लगाए गए हैं ताकि किसी भी खतरे से निपटा जा सके।
350 एआई कैमरे और 750 से ज्यादा सीसीटीवी पूरे आयोजन क्षेत्र पर नजर रखेंगे। हर एक्टिविटी पर रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी।
YUVAi पहल- यूथ को AI चैलेंज के लिए तैयार करना
YUVAi एक ऐसा AI चैलेंज है जो युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में ट्रेनिंग और प्रेरित करने के लिए तैयार किया गया है। इसका मकसद प्रतिभागियों को AI के जरूरी स्किल्स सिखाना, उन्हें इनोवेटर और क्रिएटर के रूप में डेवलप करना और जिम्मेदार तरीके से AI का इस्तेमाल करने के लिए तैयार करना है।
इस पहल के जरिए युवाओं को न केवल टेक्नोलॉजी समझने का मौका मिलेगा, बल्कि वे AI आधारित समाधान तैयार कर देश की वास्तविक समस्याओं का हल भी खोज सकेंगे। इस एआई इनिशिएटिव को समिट में लॉन्च किया गया है।
इंडिया AI Impact Expo का भी आयोजन
समिट के साथ इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो (AI Impact Expo) का भी आयोजन किया गया है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली समेत 13 देशों के पवेलियंस शामिल हैं। कुल 300 पवेलियंस और लाइव डेमोंस्ट्रेशंस को तीन थीमैटिक साइकिल- पीपल, प्लेनेट और प्रोग्रेस के तहत तैयार किया गया है। ऑर्गनाइजर्स के मुताबिक, इस बार भारी फुटफॉल की संभावना है। इस इवेंट में केवल पॉलिसी मेकिंग को लेकर ही चर्चा नहीं होगी, बल्कि टेक्नोलॉजी के प्रैक्टिकली इस्तेमाल के बारे में भी बताया जाएगा।
समिट में शामिल होने वाले लीडर्स गेस्ट की लिस्ट
1. शेरिंग तोबगे, PM, भूटान
2. एडमंड लारा मोंटानो, उपराष्ट्रपति, बोलीविया
3. लूला दा सिल्वा, राष्ट्रपति, ब्राजील
4.आंद्रेज प्लेनकोविक, प्रधानमंत्री, क्रोएशिया
5. अलार करिस, राष्ट्रपति, एस्टोनिया
6.पेटेरी ओर्पो, प्रधानमंत्री, फिनलैंड
7. इमैनुएल मैक्रों, राष्ट्रपति, फ्रांस
8. किरियाकोस मित्सोताकिस, प्रधानमंत्री, ग्रीस
9. डॉ. भारत जगदेव, उपराष्ट्रपति, गुयाना
10. ओल्जास बेक्टेनोव, प्रधानमंत्री, कजाकिस्तान
11. HSH वंशानुगत राजकुमार एलोइस, लिकटेंस्टीन रियासत के वंशानुगत राजकुमार, लिकटेंस्टीन
12.डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम, प्रधानमंत्री, मॉरीशस
13. अलेक्जेंडर वुसिक, राष्ट्रपति, सर्बिया
14. पीटर पेलेग्रिनी, राष्ट्रपति, स्लोवाकिया
15. पेड्रो सांचेज पेरेज-कास्टेजोन, राष्ट्रपति, स्पेन
16. अनुरा कुमारा डिसानायका, राष्ट्रपति, श्रीलंका
17. सेबेस्टियन पिल्ले, उपराष्ट्रपति, सेशेल्स
18. गाय परमेलिन, राष्ट्रपति, स्विट्जरलैंड
19. डिक शूफ, प्रधानमंत्री, नीदरलैंड
20. शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस, UAE
मोदी ने कहा कि मौजूदा समय में AI हेल्थकेयर, एजुकेशन, एग्रीकल्चर, गवर्नेंस और एंटरप्राइज समेत कई सेक्टर में बदलाव ला रहा है। AI इम्पैक्ट समिट AI के जैसे इनोवेशन, कोलेबोरेशन, रिस्पॉन्सिबल यूज समेत अलग-अलग पहलुओं पर दुनिया भर में बातचीत को बेहतर बनाएगा। मुझे पूरा भरोसा है कि समिट के नतीजे एक ऐसे भविष्य को बनाने में मदद करेंगे जो प्रोग्रेसिव, इनोवेटिव और बेहतर अवसरों बनाने के लिए मददगार होंगे।

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