कर्नाटक विधानसभा कैंटीन में प्लेटों पर कॉकरोच मिले: FDA की रेड; एक दिन पहले स्वास्थ्य विभाग की ही कैंटीन में मिला था एक्सपायर्ड सामान
Published:
2 min read

कर्नाटक विधानसभा कैंटीन में FDA रेड के दौरान साफ सफाई समेत अन्य कमियां भी मिलीं।
नेशनल डेस्क. कर्नाटक में स्वास्थ्य विभाग की फूड सेफ्टी ड्राइव के दौरान चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। बेंगलुरु स्थित कर्नाटक विधानसभा परिसर में चलने वाली कैंटीन में रेड के दौरान खाने की प्लेटों पर कॉकरोच मिले। यहां साफ-सफाई से जुड़ी कई अन्य कमियां भी मिली हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने विधानसभा परिसर में विकास सौधा की कैंटीनों की भी जांच की। रेड के दौरान खाने की प्लेटों पर कॉकरोच दिखाई दिए। विधानसभा परिसर में मंत्रियों और कई IAS अधिकारियों के दफ्तर हैं। परिसर में ऐसी जगहें भी हैं, जहां बाहर से आने वाले विधायक ठहरते हैं। लेजिस्लेटर्स हाउस में की गई जांच के दौरान भी स्वास्थ्य विभाग को एक प्रतिष्ठान में खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई का स्तर खराब मिला।
स्वास्थ्य विभाग के दफ्तर में ही खामियां
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब एक दिन पहले ही स्वास्थ्य विभाग ने अपने ही दफ्तर आरोग्य सौधा में चल रही कैंटीन की जांच की थी। यहां भी साफ-सफाई के नियमों का उल्लंघन मिला था। अधिकारियों को जांच के दौरान कुछ एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री भी मिली। इनमें इडली रवा और नारियल पाउडर शामिल थे। टीम ने पाया कि खाद्य सामग्री को FSSAI की गाइडलाइन के मुताबिक स्टोर नहीं किया जा रहा था।

तीन इंदिरा कैंटीनों की भी हुई जांच
इससे पहले मंगलवार को फूड सेफ्टी अधिकारियों ने बेंगलुरु की तीन इंदिरा कैंटीनों का निरीक्षण किया था। यहां गलत लेबलिंग, मिसब्रांडिंग और साफ तरीके से खाना न बनाने की खामियां मिली थीं। गोट्टीगेरे स्थित इंदिरा कैंटीन की सेंट्रल किचन में खाने को संभालने और स्टोर करने की स्थिति खराब मिलने के बाद उसे सील कर दिया गया।
60 बड़े होटलों की भी जांच, 77 सैंपल लैब भेजे
कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग इन दिनों बेंगलुरु अर्बन डिस्ट्रिक्ट और ग्रेटर बेंगलुरु एरिया में विशेष फूड सेफ्टी अभियान चला रहा है। इसके तहत सरकारी कैंटीनों से लेकर थ्री और फाइव स्टार होटलों तक की जांच की जा रही है। हाल ही में बेंगलुरु अर्बन डिस्ट्रिक्ट के 60 थ्री-स्टार और फाइव-स्टार होटलों पर रेड डाली गई थी। यहां एक्सपायर्ड दूध, सड़ा हुआ मीट और सब्जियां मिली थीं। इसके बाद 77 सैंपल को जांच के लिए फूड लैब भेजा गया।

