शादी का कार्ड लेकर थाने पहुंचीं दो महिला पुलिसकर्मी: छुट्टी की अर्जी से सामने आया समलैंगिक विवाह का मामला; क्या इस रिश्ते को कानूनी मान्यता मिलेगी
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नेशनल डेस्क। पुणे में दो महिला पुलिस कॉन्स्टेबल की शादी की खबर ने एक बार फिर भारत में समलैंगिक शादी और जेंडर पहचान को लेकर चल रही कानूनी बहस को सामने ला दिया है।
NEWSX की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों महिला पुलिसकर्मी ने अपनी शादी की तैयारियां कर ली हैं और छुट्टी के लिए पुलिस डिपार्टमेंट में आवेदन दिया है। खास बात यह है कि छुट्टी की अर्जी के साथ दोनों ने अपनी शादी का कार्ड भी लगाया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों अपने रिश्ते को कानूनी तौर पर मान्यता दिलाने के तरीके तलाश रही हैं। इनमें से एक महिला जेंडर ट्रांजिशन से जुड़ा इलाज करा रही है। यानी ट्रांजिशन की प्रोसेस पूरी होने के बाद शादी को कानूनी रूप से रजिस्टर कराने की कोशिश है।
पहले समझिए- क्या भारत में दो महिलाओं की शादी हो सकती है?
भारत में दो बालिग लोगों के बीच सहमति से समलैंगिक रिश्ता रखना अपराध नहीं है। लेकिन ऐसे लोगों की शादी को अभी भारत के कानून में वैसी मान्यता नहीं मिली है, जैसी पुरुष और महिला की शादी को मिलती है।
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सुप्रीम कोर्ट ने अक्टूबर 2023 में समलैंगिक शादी को कानूनी मान्यता देने की मांग पर फैसला सुनाया था। कोर्ट ने कहा था कि समलैंगिक जोड़ों को शादी का मौलिक अधिकार नहीं दिया जा सकता। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा था कि समलैंगिक जोड़ों के लिए शादी से जुड़ा कानून बनाना संसद के अधिकार क्षेत्र में आता है।
यानी फिलहाल सिर्फ दो बालिग महिलाओं का आपसी सहमति से साथ रहना गैरकानूनी नहीं है, लेकिन उनकी शादी को सामान्य विवाह की तरह रजिस्टर कराने का रास्ता मौजूदा कानून में साफ नहीं है।
जेंडर बदलने के बाद क्या स्थिति बदल सकती है?
पुणे का यह मामला इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि बताया जा रहा है कि दोनों में से एक महिला जेंडर ट्रांजिशन की प्रोसेस से गुजर रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर आधिकारिक दस्तावेजों में उसकी जेंडर पहचान बदल जाती है, तो शादी का रजिस्ट्रेशन हो सकेगा? तो इसका जवाब ‘हां’ है।
एक महिला के जेंडर चेंज करवाने के बाद शादी को कानूनी मान्यता मिल जाएगी हालांकि इसके लिए जेंडर चेंज कराने वाली महिला को Transgender Persons Act, 2019 के तहत पुरुष होने का सर्टिफिकेट हासिल करना होगा। इसमें भी कुछ अगर-मगर हैं, जो मैरिज रजिस्ट्रेशन के नियम, संबंधित अधिकारियों और कानूनी प्रोसेस के दौरान सामने आ सकते हैं। हालांकि मोटे तौर पर अगर यह साबित हो जाता है कि शादी करने वाली एक महिला है और एक पुरुष तो कानूनी मान्यता मिलना तय है।
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परिवार ने किया विरोध, पुलिस ने नहीं रोका
रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों महिलाओं के परिवार शादी के फैसले के खिलाफ हैं। परिवार के सदस्यों ने सीनियर पुलिस अफसरों से इस मामले में दखल देने की मांग की है
हालांकि, पुलिस प्रशासन शादी को रोकने की कोई कोशिश नहीं कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग की जा सकती है। यानी फिलहाल मामला दोनों महिलाओं की पसंद और मौजूदा कानून के बीच खड़ा नजर आ रहा है।

