सदन का मैसेज गृह मंत्री तक पहुंचाएं: राज्यसभा चेयरमैन ने किरण रिजिजू से क्यों कही यह बात, विपक्ष क्यों इसे अपनी पहली जीत बता रहा; क्या अमित शाह अब सदन में आएंगे
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राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन ने गुरुवार को सदन की कार्यवाही के दौरान संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजू से गृह मंत्री अमित शाह तक विपक्ष की बात पहुंचाने के लिए कहा।
नेशनल डेस्क। राज्यसभा चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन ने संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजू से गृह मंत्री अमित शाह तक विपक्ष की मांग पहुंचाने की बात कही है। विपक्ष बीते 14 दिन से स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस एक्शन को लेकर अमित शाह से सदन में जवाब देने की मांग कर रहा है। ऐसे में सभापति राधाकृष्णन के इस रुख को विपक्षी पार्टियां अपनी जीत की तरह देख रही हैं।
राज्यसभा सभापति को यह क्यों कहना पड़ा
दरअसल, संसद के मानसून सत्र में गुरुवार (6 अगस्त) की कार्यवाही की शुरुआत भी उसी अंदाज में हुई, जैसी बीते दो हफ्तों से होती रही है। यानी 20 जुलाई के स्टूडेंट मार्च पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा फिर उठा और हंगामा शुरू हो गया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने INDIA गठबंधन का रुख साफ करते हुए कहा कि गृह मंत्री अमित शाह को सदन में आकर बच्चों पर हुई कार्रवाई को लेकर जवाब देना होगा। सत्ता पक्ष की ओर से किरण रिजिजू अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान दोनों ओर से लगातार हंगामा भी हो रहा था। बस इसी हंगामे को शांत करने के लिहाज से सभापति ने रिजिजू से अमित शाह तक मैसेज पहुंचाने की बात कही।
सभापति का स्टेटमेंट और विपक्ष का रिएक्शन
राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू से कहा कि आप विपक्ष की भावना को गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंचाइये। हालांकि उन्होंने गृह मंत्री को तत्काल सदन में बुलाने के लिए नहीं कहा, लेकिन विपक्ष ने सभापति के इस फैसले को अपने पक्ष में बताया। विपक्षी दलों ने चेयरमैन के इस रुख को अपनी पहली जीत बताते हुए सभापति की खुलकर तारीफ की।
विपक्ष क्यों कर रहा सभापति की तारीफ
CPI सांसद पी संतोष कुमार ने कहा कि विपक्ष कई दिनों से गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहा था और अब सभापति ने खुद संसदीय कार्य मंत्री से यह बात गृह मंत्री तक पहुंचाने को कहा है। यह पूरे विपक्ष की बड़ी जीत है।
CPM सांसद डॉ जॉन ब्रिटास ने सभापति के हस्तक्षेप का स्वागत करते हुए कहा कि यह सही दिशा में उठाया गया कदम है और उम्मीद है कि अब गृह मंत्री सदन में आकर जवाब देंगे।
कुल मिलाकर विपक्ष जो चाहता है, उस दिशा में सभापति का साथ मिलने से वह खुश है। यही कारण है कि उनकी तारीफ हो रही है। विपक्ष के कुछ और सांसदों ने भी संसद परिसर में सीपी राधाकृष्णन के इस रुख की तारीफ की है।
रिजिजू ने कहा- विपक्ष तय नहीं करेगा कौन जवाब देगा
सभापति के स्टेटमेंट से पहले जब विपक्ष लगातार अमित शाह को सदन में बुलाने की मांग पर अड़ा हुआ था, तब किरण रिजिजू ने कहा था कि विपक्ष के नेता ने अपनी मांग के समर्थन में कोई नियम नहीं बताया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कौन मंत्री जवाब देगा, यह फैसला विपक्ष नहीं कर सकता। सरकार सामूहिक रूप से जवाबदेह होती है।
क्या अमित शाह अब सदन में आएंगे?
राज्यसभा सभापति ने सामान्य तौर पर किरण रिजिजू से विपक्ष की मांग अमित शाह तक भेजने की बात कही है। यह कोई निर्देश नहीं है। ऐसे में अमित शाह सदन में आकर विपक्ष की मर्जी के मुद्दे पर जवाब दें, यह भी जरूरी नहीं है। हालांकि सभापति के इस बयान के बाद और विपक्ष की लगातार मांग से केन्द्र सरकार पर दबाव जरूर बन रहा है, ऐसे में संभव भी है कि अमित शाह सदन में आकर इस पूरे मामले पर अपना पक्ष रखें।

