झंडू कुमार ने भारत को पहला मेडल दिलाया: पैरा पावरलिफ्टिंग में 190 Kg उठाकर ब्रॉन्ज जीता, PM मोदी ने की तारीफ
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स्पोर्ट्स डेस्क. कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games) 2026 में भारत का मेडल खाता खुल गया है। बिहार के 29 साल के पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार (Jhandu Kumar) ने मेन्स हेवीवेट कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल (Bronze Medal) जीतकर देश को पहला मेडल दिलाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झंडू को बधाई दी और उनकी तारीफ भी की।
190 Kg उठाकर ब्रॉन्ज जीता
झंडू कुमार ने दूसरे अटेम्प्ट में 190 Kg वजन उठाया। इस लिफ्ट के साथ उनके 130.9 पॉइंट्स बने। वह कुछ समय के लिए लीडरबोर्ड में टॉप पर पहुंच गए। तीसरे अटेम्प्ट में उन्होंने 196 Kg उठाने की कोशिश की, लेकिन बारबेल रैक से टकरा गई। उनकी लिफ्ट सफल नहीं हो सकी। पैरा पावरलिफ्टिंग में आमतौर पर ग्रुप-ए के प्लेयर्स को ज्यादा मजबूत माना जाता है। झंडू कुमार ने ग्रुप-बी से खेलते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया।
नाइजीरिया ने गोल्ड जीता
नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने 208 Kg वजन उठाकर 132.8 पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता। इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने 199 Kg लिफ्ट के साथ 131.0 पॉइंट्स हासिल कर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। वहीं, झंडू कुमार 130.9 पॉइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
बहुत खुशी हुई- झंडू कुमार
मेडल जीतने के बाद झंडू कुमार ने कहा- भारत के लिए पहला मेडल जीतना स्पेशल है। जब मैं अपना तिरंगा देखता हूं तो बहुत खुशी होती है। सबसे पहले मैं अपने माता-पिता और गौतम भईया को कॉल करूंगा। भईया के साथ बचपन से प्रैक्टिस करता आया हूं। उन्होंने 196 Kg की असफल लिफ्ट पर कहा- बारबेल रैक में फंस गई थी। इसकी वजह से मेरी टाइमिंग बिगड़ गई।

अब लास एंजिलिस 2028 पर फोकस
झंडू कुमार ई-रिक्शा चलाने और सड़क किनारे सब्जियां बेचने का काम करते थे। उनका अगला टारगेट लास एंजिलिस पैरालंपिक (Los Angeles Paralympics 2028) में भारत के लिए मेडल जीतना है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मिला यह ब्रॉन्ज उनके कॅरियर की सबसे बड़ी अचीवमेंट्स में से एक माना जा रहा है।

