सारांश 21वीं सेंचुरी के उम्रदराज टेस्ट डेब्यूटेंट भारतीय: IPL से पहले इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले तीसरे भारतीय, देखें रिकॉर्ड
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इंदौर के रहने वाले सारांश जैन लेफ्ट हैंड बैटर और राइट आर्म ऑफ स्पिनर हैं। (फोटो सोर्स -@BCCI)
स्पोर्ट्स डेस्क. श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट से भारतीय स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन ने इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया है। सारांश ने 33 साल और 145 दिन की उम्र में टेस्ट डेब्यू किया है। इस तरह वे 21वीं सेंचुरी में डेब्यू करने वाले उम्रदराज भारतीय बन गए हैं।
टेस्ट क्रिकेट की हिस्ट्री में सबसे ज्यादा उम्र में डेब्यू करने का रिकॉर्ड पाकिस्तान के मीरान बख्श के नाम है। उन्होंने 47 साल 284 दिन की उम्र में अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। वहीं, भारत के लिए सबसे ज्यादा उम्र में टेस्ट डेब्यू करने का रिकॉर्ड रुस्तमजी जमशेदजी के नाम है। उन्होंने 41 साल 27 दिन की उम्र में 1933 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था।
21वीं सदी में सबसे उम्रदराज भारतीय टेस्ट डेब्यूटेंट
सारांश जैन ने 33 साल 145 दिन की उम्र में भारत के लिए टेस्ट डेब्यू किया। इसके साथ ही वह 21वीं सदी में टीम इंडिया के लिए टेस्ट डेब्यू करने वाले सबसे उम्रदराज प्लेयर बन गए।
भारत के लिए सबसे ज्यादा उम्र में टेस्ट डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों की बात करें तो अलग-अलग दौर में कई खिलाड़ियों ने यह उपलब्धि हासिल की है। हालांकि, 2001 के बाद से सारांश ने रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
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अब तक IPL नहीं खेला
सारांश जैन ने अभी तक IPL में एक भी मैच नहीं खेला है। इसके बावजूद वह IPL खेले बिना भारत के लिए इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले सिर्फ तीसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले मुरली विजय और मोहम्मद शमी यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। मुरली विजय ने 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट से इंटरनेशनल डेब्यू किया था, जबकि मोहम्मद शमी ने 2013 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे से इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा था।
कुलदीप यादव की जगह मौका
सारांश जैन को श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट की प्लेइंग-11 में कुलदीप यादव की जगह शामिल किया गया। कुलदीप की तबीयत खराब होने के कारण वह इस मुकाबले के लिए उपलब्ध नहीं थे। ऐसे में टीम मैनेजमेंट ने सारांश पर भरोसा जताया।
टेस्ट डेब्यू से पहले साथी खिलाड़ी रवींद्र जडेजा ने उन्हें टीम इंडिया की कैप सौंपी। जडेजा ने सारांश को सलाह दी कि वह इस मौके को किसी दूसरे फर्स्ट क्लास मैच की तरह लें और बिना किसी दबाव के इस मोमेंट को एंजॉय करें।
12 साल के घरेलू क्रिकेट कॅरियर के बाद मिला मौका
इंदौर के रहने वाले सारांश जैन लेफ्ट हैंडेड बैटर और राइट आर्म ऑफ स्पिनर हैं। उन्होंने दिसंबर 2014 में मध्य प्रदेश के लिए फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था। करीब 12 साल के घरेलू क्रिकेट कॅरियर के बाद उन्हें टीम इंडिया की टेस्ट कैप मिली। सारांश ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अब तक 2,223 रन बनाने के साथ 181 विकेट हासिल किए हैं।
क्रिकेट परिवार से आते हैं सारांश
सारांश जैन के पिता सुबोध जैन राइट आर्म ऑफ-ब्रेक बॉलर रहे हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश के लिए 9 रणजी ट्रॉफी मैच खेले थे। हालांकि, उन्हें भारतीय टीम की तरफ से खेलने का मौका नहीं मिला।

