क्या E22, E25, E27 और E30 पेट्रोल सस्ता होगा: सरकार ने एक्ससाइज ड्यूटी जीरो की, जानिए कब मिलेगा और E20 से कितना अलग होगा
Published:
4 min read

यह AI जेनरेटेड सिम्बॉलिक इमेज है। इसे न्यूज नेचर के लिहाज से क्रिएट किया गया है।
बिजनेस डेस्क। केंद्र सरकार एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ाना चाहती है। इसी दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने E22, E25, E27 और E30 जैसे पेट्रोल वेरिएंट्स पर एक्साइज ड्यूटी को शून्य कर दिया है। इसका मतलब है कि इन फ्यूल्स में मौजूदा एथेनॉल (Ethanol) पर कोई एक्साइज ड्यूटी नहीं लगेगी। सरकार का मानना है कि ज्यादा एथेनॉल ब्लेंडिंग से क्रूड ऑयल पर भारत की निर्भरता कम होगी। किसानों को भी फायदा मिलेगा।
E22, E25, E27 और E30 पेट्रोल क्या होता है?
पेट्रोल में मिलाए गए एथेनॉल के प्रतिशत के आधार पर इन फ्यूल्स का नाम रखा जाता है।
- E22 में 22% एथेनॉल और 78% पेट्रोल होता है।
- E25 में 25% एथेनॉल और 75% पेट्रोल होता है।
- E27 में 27% एथेनॉल और 73% पेट्रोल होता है।
- E30 में 30% एथेनॉल और 70% पेट्रोल होता है।
20 मई को सरकार ने इन सभी फ्यूल ब्लेंड्स के लिए आधिकारिक मानक जारी किए थे। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने इनके लिए गुणवत्ता और उपयोग संबंधी नियम तय किए हैं। फिलहाल इन फ्यूल्स को देशभर के पेट्रोल पंपों पर बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं कराया गया है।

सबसे ज्यादा इस्तेमाल कौन-सा ब्लेंडेड पेट्रोल हो रहा है?
इस समय देश में E20 पेट्रोल सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल होता है। 1 अप्रैल 2026 से E20 का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया गया है। इससे पहले कई सालों तक E10 पेट्रोल मानक फ्यूल के रूप में इस्तेमाल होता था। साल 2021 में नीति आयोग ने एथेनॉल ब्लेंडिंग रोडमैप जारी किया था। जिसमें E20 लागू करने की डेडलाइन 2030 से घटाकर 2025 कर दी गई थी।
फरवरी 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक के दौरान E20 पेट्रोल लॉन्च किया था। शुरुआत में इसे 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 84 पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध कराया गया था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई 2025 तक ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एवरेज 19.93% एथेनॉल ब्लेंडिंग हासिल कर चुकी थीं, जो तय टारगेट से करीब 6 महीने पहले की उपलब्धि थी।
यह भी पढ़ें- पेट्रोल-डीजल खरीद के नियम बदले: बल्क में नहीं खरीद सकेंगे, ट्रकों के लिए भी सीमा तय हुई
E85 पेट्रोल क्या है?
E85 एक हाई-एथेनॉल फ्यूल है, जिसमें 85% एथेनॉल और 15% पेट्रोल होता है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 5 जून को नई दिल्ली में E85 पेट्रोल लॉन्च किया था। शुरुआत में इसे देशभर के 50 पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार की योजना है कि साल 2026 के अंत तक E85 पेट्रोल लगभग 500 पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध हो जाए।
E85 पेट्रोल की कीमत कितनी है?
सरकार के मुताबिक, E85 पेट्रोल की कीमत E20 पेट्रोल से 20 रुपए प्रति लीटर कम रखी गई है। दिल्ली में कीमतें इस प्रकार हैं-
फ्यूल ब्लेंड | एथेनॉल की मात्रा | दिल्ली में कीमत (प्रति लीटर) |
E20 | 20% | 102.12 रुपए |
E22 | 22% | जल्द लॉन्च होगा |
E25 | 25% | जल्द लॉन्च होगा |
E27 | 27% | जल्द लॉन्च होगा |
E30 | 30% | जल्द लॉन्च होगा |
E85 | 85% | 82.12 रुपए |
E22, E25, E27 और E30 की कीमतें इनके बाजार में आने के बाद ही स्पष्ट होंगी। हाल ही में सरकार ने E85 के अनुकूल नए वाहन मॉडल पेश किए हैं। इनमें हीरो मोटोकॉर्प की स्प्लेंडर+ और एचएफ डीलक्स व मारुति सुजुकी वैगन आर का स्पेशल एडिशन शामिल है।
क्या एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल माइलेज कम करता है?
एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को लेकर वाहन मालिकों के बीच सबसे बड़ा सवाल माइलेज को लेकर है। लोकल सर्कल्स द्वारा किए गए एक सर्वे में लोगों ने बताया कि उनकी गाड़ी की फ्यूल एफिशिएंसी यानी माइलेज कम हुआ है। कई लोगों ने माइलेज में 20% तक की गिरावट की बात कही। सर्वे में यह भी सामने आया कि 2022 से पहले खरीदी गई कारों के लगभग एक-तिहाई मालिकों को इंजन, फ्यूल लाइन, फ्यूल टैंक और कार्ब्यूरेटर जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
यह भी पढ़ें-

