E100 फ्यूल को मंजूरी: अब 100% एथेनॉल पर कार-बाइक चलेंगी, नितिन गडकरी ने साइन कर दी फाइल
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अगले 2 महीनों में कई फ्लेक्स फ्यूल कारें आएंगी। (फोटो सोर्स- एएनआई)
बिजनेस डेस्क। केंद्र सरकार ने 100% एथेनॉल (E100) को व्हीकल फ्यूल के रूप में इस्तेमाल करने की औपचारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले से देश में एथेनॉल (Ethanol) आधारित वाहनों की शुरुआत का रास्ता साफ हो गया है। सरकार का मानना है इससे क्रूड ऑयल के इम्पोर्ट पर निर्भरता कम होगी और घरेलू स्तर पर बायोफ्यूल के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को नागपुर में आयोजित 'शुगर, एथेनॉल एंड बायो-एनर्जी इंडिया कॉन्फ्रेंस' में इसकी जानकारी दी। उन्होंने E100 फ्यूल को मंजूरी देने वाली फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। गडकरी ने कहा कि इस मंजूरी के बाद ऑटोमेकर, फ्यूल रिटेलर और टेस्टिंग एजेंसी को 100% एथेनॉल आधारित वाहनों को मार्केट में उतारने के लिए जरूरी कानूनी आधार मिल गया है।
E20 से आगे बढ़कर E100 की ओर भारत
अब तक भारत का फोकस पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडेड बढ़ाने पर रहा है। देशभर में 20% एथेनॉल को लागू किया जा रहा है, लेकिन E100 को मंजूरी मिलने के बाद अब ऐसी गाड़ियां बेची जा सकेंगी जो पूरी तरह एथेनॉल पर चलेंगी। इस कदम के साथ एथेनॉल आधारित वाहन ईवी, सीएनजी, हाइब्रिड और हाइड्रोजन वाहनों के ऑप्शन के रूप में उभर सकते हैं।
फ्लेक्स-फ्यूल वाहन मार्केट में आने लगे
नितिन गडकरी ने बताया कि फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी वाले वाहन पहले से मार्केट में आना शुरू हो चुके हैं। उन्होंने कहा, 'मारुति सुजुकी ने फ्लेक्स-फ्यूल वैगनआर पेश की है और हीरो ने ऐसे मोटरसाइकिल लॉन्च किए हैं जो 100 प्रतिशत एथेनॉल पर चल सकते हैं।' टोयोटा और हुंडई जैसी कंपनियां भी जल्द ही E100 आधारित वाहन बाजार में उतार सकती हैं।
कृषि उत्पादों की खपत बढ़ेगी
सरकार एथेनॉल को एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण मान रही है। गडकरी ने कहा कि चीनी और बायो-एनर्जी उद्योग ग्रामीण विकास की रीढ़ हैं। एथेनॉल की डिमांड बढ़ने से गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों की खपत बढ़ सकती है। इससे किसानों को अतिरिक्त बाजार मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में बायो-रिफाइनरी एवं अन्य उद्योगों में निवेश बढ़ सकता है। हालांकि उन्होंने उद्योग जगत से पानी की कम खपत वाली गन्ना खेती को बढ़ावा देने की अपील भी की।
ऑयल इम्पोर्ट बिल घटाने की तैयारी
भारत अपनी जरूरत का 85% से अधिक क्रू़ड ऑयल विदेशों सो इम्पोर्ट करता है। ऐसे में सरकार लंबे समय से वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देने की नीति पर काम कर रही है। E100 के व्यापक उपयोग से देश की विदेशी तेल पर निर्भरता कम हो सकती है। साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भी कुछ हद तक कम किया जा सकेगा।
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