इलॉन मस्क बनाम सैम ऑल्टमैन: OpenAI को लेकर शुरू हुई बिलियनेयर की लड़ाई, ChatGPT का भविष्य अब कोर्ट के फैसले पर निर्भर
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यह AI जेनरेटेड सिम्बॉलिक इमेज है। इसे न्यूज नेचर के लिहाज से क्रिएट किया गया है।
बिजनेस डेस्क। कैलिफोर्निया की फेडरल कोर्ट में इस हफ्ते एक ऐसा केस शुरू हो रहा है, जो टेक वर्ल्ड में हलचल मचा देगा। इलॉन मस्क (Elon Musk) ने सैम ऑल्टमैन (Sam Altman) के खिलाफ केस किया है। इस मुकदमे को इतना बड़ा बताया जा रहा है कि AI भी ऐसी कहानी नहीं बना सकता। यह सिर्फ एक बिजनेस विवाद नहीं, बल्कि इसमें पर्सनल टकराव भी साफ दिख रहा है।
दरअसल, इस केस का सबसे बड़ा मुद्दा OpenAI का बदलाव है। साल 2015 में इसे एक नॉन-प्रॉफिट रिसर्च इंस्टीट्यूशन के रूप में शुरू किया गया था, लेकिन अब यह एक बड़ी फॉर-प्रॉफिट कंपनी बन चुकी है, जिसमें अरबों डॉलर का इन्वेस्टमेंट आ चुका है।
मस्क का आरोप है कि उन्हें शुरुआत में एक 'पब्लिक के लिए काम करने वाली संस्था' बनाने का वादा किया गया था, लेकिन बाद में इसे प्रॉफिट कमाने वाली कंपनी बना दिया गया, जो उनके मुताबिक 'धोखा' है।
मस्क का आरोप, भरोसा तोड़ा गया
इलॉन मस्क का कहना है कि उन्होंने OpenAI को सपोर्ट इसलिए किया, क्योंकि इसका मकसद इंसानियत के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बनाना था। लेकिन बाद में कंपनी ने अपनी दिशा बदल दी। दूसरे लोग इससे पैसा कमाने लगे।

सैम ऑल्टमैन की सफाई, कहानी बदल रहे हैं मस्क
वहीं, सैम ऑल्टमैन की लीगल टीम ने इन आरोपों को गलत ठहराया है। उनका कहना है कि मस्क पुरानी बातों को अपनी तरह से पेश कर रहे हैं। ऑल्टमैन का दावा है कि मस्क ने 2018 में OpenAI को छोड़ दिया था और 1 अरब डॉलर देने का वादा किया था, जो पूरा भी नहीं किया। इतना ही नहीं, उनका कहना है कि मस्क खुद भी कंपनी को फॉर-प्रॉफिट बनाने के पक्ष में थे। हालांकि, इसके लिए कंपनी को टेस्ला (Tesla) के साथ जोड़ने की शर्त रखी थी।
कोर्ट में बड़े नाम शामिल होंगे
यह ट्रायल करीब चार हफ्ते तक चल सकता है। इसमें कई बड़े टेक लीडर्स गवाही देंगे। एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इलॉन और सैम कोर्ट में बयान दे सकते हैं। इसके अलावा माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्या नडेला (Satya Nadella) और OpenAI के पुराने और मौजूदा बोर्ड मेंबर्स गवाही देंगे।
बिलियनेयर बनाम बिलियनेयर की लड़ाई
इस केस की सुनवाई जज यावोन गोंजालेज रोजर्स (Yvonne Gonzalez Rogers) कर रही हैं। उन्होंने इस लड़ाई को बिलियनेयर बनाम बिलियनेयर कहा है। उन्होंने कहा कि अदालत में किसी भी तरह की चालाकी या समय बर्बाद करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बता दें इस केस का असर सिर्फ दो लोगों तक सीमित नहीं है। इससे OpenAI और चैटबॉट ChatGPT का भविष्य तय हो सकता है। मस्क ने शुरुआत में करीब 134 अरब डॉलर की भरपाई की डिमांड की थी। लेकिन बाद में कहा कि अगर उन्हें पैसा मिलता है, तो उसे OpenAI के चैरिटी हिस्से को दिया जाए।

आगे क्या होगा
इस केस का फैसला 9 सदस्यों की ज्यूरी सलाह के रूप में देगी, लेकिन अंतिम फैसला जज यावोन गोंजालेज ही लेंगी। आने वाले सप्ताह में यह साफ होगा कि OpenAI अपनी पुरानी राह पर लौटेगा या मौजूदा दिशा में आगे बढ़ेगा। एक बात तय है कि यह केस टेक वर्ल्ड के इतिहास में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।
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