आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट पर ED की रेड: 10 ठिकानों पर छापेमारी; सरकारी ठेकों के पैसे इस्तेमाल करने का आरोप
Published:
2 min read

केन्द्र में 2014 में सत्ता बदलने के बाद से ही आजम खान टारगेट पर रहे हैं। उन पर एक के बाद एक कई मामले दर्ज हुए हैं। (फोटो सोर्स: ANI)
नेशनल डेस्क। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार (19 अगस्त) को समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान से जुड़े 10 ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें उत्तर प्रदेश के रामपुर और सहारनपुर के अलावा दिल्ली के ठिकाने शामिल हैं। ED की यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई।
ED की कई टीमें बुधवार सुबह से ही इन ठिकानों पर पहुंच गई। कार्रवाई में उत्तर प्रदेश और दिल्ली की पुलिस भी ED की टीमों के साथ मौजूद रही।
सरकारी ठेकों का पैसा यूनिवर्सिटी में लगाया!
मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की स्थापना आजम खान ने 2006 में की थी। यह रामपुर में बनाई गई है। ED के मुताबिक, जांच का फोकस सरकारी ठेकों से जुड़े पैसों को निजी ठेकेदारों के जरिए दूसरी जगह भेजने और फिर इन पैसों के इस्तेमाल पर है। एजेंसी को शक है कि इन पैसों का इस्तेमाल जौहर यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट की संपत्तियां बनाने और दूसरे कामों में किया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, जांच में कुछ ठेकेदारों और ट्रस्ट के बीच पैसों के लेन-देन की जानकारी भी सामने आई है। आरोप है कि सरकारी ठेकों से फायदा पाने वाले कुछ ठेकेदारों ने ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी को बड़ी रकम दान की और निर्माण से जुड़े काम भी कराए।

ED क्या तलाश रही है?
छापेमारी के दौरान ED की टीमें पैसों से जुड़े रिकॉर्ड, दस्तावेज, डिजिटल सबूत और अपराध से हुई कमाई से जुड़ी जानकारी तलाश रही हैं। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सरकारी फंड से जुड़े पैसे कहां से आए और उनका इस्तेमाल किस तरह किया गया।
ED की जांच अभी जारी है। छापेमारी पूरी होने के बाद एजेंसी की ओर से बरामद दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
यह भी पढ़ें...

