कॉमनवेल्थ गेम्स 23 जुलाई से: 10 स्पोर्ट्स, 74 देश और 3 हजार खिलाड़ी, नीरज समेत 32 भारतीय उतरेंगे; जानिए कब और कहां देख सकेंगे गेम्स
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स्पोर्ट्स डेस्क. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से पहले भारत सरकार ने खिलाड़ियों की तैयारी पर 53 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए हैं। सबसे ज्यादा पैसा एथलेटिक्स, बॉक्सिंग और वेटलिफ्टिंग की तैयारी पर लगाया गया है। इस बार गेम्स 23 जुलाई से स्कॉटलैंड के ग्लासगो में शुरू होंगे।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इस बार 74 देश और टेरिटरी हिस्सा ले रहे हैं। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से 2 अगस्त तक होने वाले इन गेम्स में करीब 3,000 खिलाड़ी अलग-अलग खेलों में दावेदारी पेश करेंगे।
CWG 2026 के लिए भारत ने बड़े इंतजाम किए
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करें, इसके लिए खेल मंत्रालय ने 53 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए हैं। सरकार ने खिलाड़ियों के विदेशी ट्रेनिंग कैंप, इंटरनेशनल एक्सपोजर टूर और दूसरी तैयारियों पर खास ध्यान दिया है। खिलाड़ियों ने अमेरिका, स्विट्जरलैंड, तुर्की और साउथ अफ्रीका में ट्रेनिंग में हिस्सा लिया ताकि वे बड़े मुकाबलों के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
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हालांकि, इस बार भारत के लिए मेडल जीतना आसान नहीं होगा, क्योंकि गेम्स में पहले की तुलना में कम खेल शामिल किए गए हैं। इस बार बैडमिंटन, शूटिंग, कुश्ती, हॉकी और क्रिकेट जैसे खेल नहीं होंगे। इन खेलों में भारत हमेशा ज्यादा मेडल जीतता रहा है, इसलिए इस बार मेडल की संख्या कम हो सकती है।
एथलेटिक्स पर सबसे ज्यादा खर्च
सरकार ने एथलेटिक्स टीम की तैयारी पर 20 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए हैं। इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के कुल 125 प्लेयर्स हिस्सा ले रहे हैं। टीम की अगुवाई दो बार के ओलंपिक मेडल विनर नीरज चोपड़ा करेंगे।

बॉक्सिंग पर 10 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च
भारत की 14 सदस्यीय बॉक्सिंग टीम की तैयारी पर 10 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए हैं। टीम में ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन, जैसमीन और सचिन सिवाच जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।
वेटलिफ्टिंग में मीराबाई से उम्मीद
वेटलिफ्टिंग टीम की तैयारी पर करीब 7.5 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। टोक्यो ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट मीराबाई चानू के नेतृत्व में भारतीय टीम ने इंग्लैंड के बर्मिंघम में ट्रेनिंग की, ताकि वहां के मौसम और समय के हिसाब से खुद को तैयार किया जा सके।
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खेल मंत्री ने क्या कहा?
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि भारत के सभी मजबूत मेडल दावेदार खिलाड़ियों को पहले ही यूरोप भेज दिया गया है, ताकि उन्हें मौसम और टाइम जोन से जुड़ी कोई परेशानी न हो। वह ग्लासगो पहुंचकर खिलाड़ियों और अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे।


