पीवी सिंधु जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय: कोहली की सलाह काम आई; डाइट पर फोकस और टीम वर्क ने खिताब दिलाया
Published: Updated:
4 min read

स्पोर्ट्स डेस्क.भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने जापान ओपन 2026 जीतकर इतिहास रच दिया। वह यह खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं। पिछले दो साल से खराब फॉर्म और चोट से जूझ रही सिंधु ने कड़ी मेहनत, परिवार के सहयोग और विराट कोहली की एक खास सलाह की मदद से वापसी की।
विराट ने दी सिंधु को सलाह
सिंधु के लिए पिछले दो साल आसान नहीं रहे। खराब फॉर्म, लगातार हार और चोट की वजह से उनका आत्मविश्वास कमजोर पड़ गया था। ऐसे समय में उन्होंने ‘टीम इंडिया के प्लेयर विराट कोहली से बात की। सिंधु ने उनसे पूछा कि जब लंबे समय तक सेंचुरी नहीं बना पा रहे थे, तब उन्होंने खुद को कैसे संभाला।
तब कोहली ने सिंधु से कहा- 'मैंने दोबारा रन बनाने की खुशी को महसूस करना शुरू किया। यानी केवल रिकॉर्ड या नतीजे के बारे में नहीं सोचा, बल्कि खेल का आनंद लेना शुरू किया।' यही सलाह सिंधु के लिए भी सबसे मोटिवेशन बन गई।

तीन महीने तक आराम करने की सलाह दी
इसी दौरान सिंधु के पैर के अंगूठे का लिगामेंट फट गया था। डॉक्टरों ने उन्हें तीन महीने तक आराम करने की सलाह दी। उनके पति वेंकट दत्ता साई उन्हें अमेरिका के अटलांटा ले गए, जहां उन्होंने एक्सोस स्पोर्ट्स परफॉर्मेंस सेंटर में फिटनेस और रिहैब पर काम किया। अटलांटा में सिंधु ने तीन हफ्तों तक ट्रेनर्स वेन, टिम और रयान के साथ ट्रेनिंग की।
उनकी ननंद रोज उन्हें ट्रेनिंग सेंटर लेकर जाती थीं। वहां उन्हें किसी बड़े स्टार की तरह नहीं बल्कि एक नोर्मल इंसान की तरह रखा गया। इससे उनका मानसिक दबाव कम हुआ और उन्हें फिर से बैडमिंटन खेलने में खुशी मिलने लगी।
दोबारा बैडमिंटन खेलते समय वही खुशी महसूस करें
सिंधु के पति वेंकट दत्ता साई ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा- "हमारा सबसे बड़ा टारगेट था कि सिंधु दोबारा बैडमिंटन खेलते समय वही खुशी महसूस करें। इसलिए हमने उनके आत्मविश्वास और खेल के प्रति प्यार को फिर से जगाने पर काम किया। विराट कोहली की बात हमेशा उनके दिमाग में रहती थी कि खिलाड़ी को पहले खेल का आनंद लेना चाहिए।
सिंधु की वापसी में उनकी 13 मेंबर वाली टीम का भी बड़ा योगदान रहा। हर मेंबर ने अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाई। जब सिंधु ने जापान ओपन के फाइनल में जापान की खिलाड़ी अकाने यामागुची को हराकर खिताब जीता, तब उनकी पूरी टीम इमोशनल होकर रो पड़ी।
सिर्फ मेंटली स्ट्रांग होने पर नहीं बल्कि खेल के आंकड़ों पर भी खास काम किया गया। पेरिस ओलंपिक के बाद टीम ने सिंधु के प्रदर्शन का एनालिसिस किया। पता चला कि उनका खेल पहले जैसा फियरलेस नहीं रहा था। पहले वह शुरुआती हमले में ही पॉइंट्स जीत लेती थीं।
टीम ने यह भी देखा कि पहले सिंधु एक मैच में सिर्फ दो बार लाइन जजमेंट करती थीं, लेकिन अब यह नबंर बढ़कर 6 हो गई थी। यानी वह आसान पॉइंट मिलने की उम्मीद ज्यादा करने लगी थीं। कोचिंग स्टाफ ने इन सभी कमियों पर मेहनत की और उनके खेल में जरूरी बदलाव किए।
यह भी पढ़ें : FIFA World Cup 2026 से करीब ₹1.29 लाख करोड़ का रेवेन्यू: रिपोर्ट- ऑफिशियल अनाउंसमेंट जल्द, अब स्टेडियम की घास भी बिकेगी

डाइट पर ज्यादा फोकस किया
डाइट पर भी खास ध्यान दिया गया। जापान ओपन से पहले सिंधु ने करीब 3.5 किलो वजन कम किया। उनकी डाइट में प्रोटीन के लिए चिकन को खाने में ज्यादा ध्यान दिया।फिटनेस और सही खान-पान का असर उनके खेल में साफ दिखाई दिया।जापान ओपन 2026 का खिताब जीतने के बाद सिंधु को उनकी मेहनत का इनाम भी मिला। जीत के बाद उन्हें उनकी पसंदीदा आइसक्रीम खाने की परमिशन दी गई।
पीवी सिंधु ने रविवार, 19 जुलाई 2026 को इतिहास रच दिया। उन्होंने जापान की घरेलू खिलाड़ी अकाने यामागुची को 21-17, 21-17 से हराकर जापान ओपन 2026 का खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ सिंधु जापान ओपन खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं।

